वाराणसी, 9 जून (आईएएनएस)। पवित्र शहर काशी को पूरी तरह शुद्ध और सात्विक बनाने की मांग तेज हो गई है। नगर निगम द्वारा मीट और मछली की दुकानों को शहर की सीमा से बाहर शिफ्ट करने के फैसले का स्वागत करते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वाराणसी को शराब मुक्त भी किया जाए और होटल-रेस्टोरेंट में मांस-मछली की सप्लाई पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
सपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक तरफ धर्म नगरी की गरिमा बनाए रखने के लिए मीट-मछली की दुकानों को बाहर किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ शराब की खुली बिक्री और होटलों में मांसाहारी व्यंजनों की अनुमति कैसे दी जा सकती है? शराब पीकर लोग पवित्र वाराणसी की आस्था और गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने इस मांग को लेकर डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और कार्यालय के बाहर हल्का प्रदर्शन भी किया। उनके हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था कि 'वाराणसी को शराब मुक्त करो, होटलों-रेस्टोरेंटों में मांस-मछली बंद करो।'
सपा कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि काशी विश्वनाथ, घाटों और मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के लिए शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ शराब ठेकों और होटलों में नॉन-वेज पर भी सख्ती बरती जाए। यह मांग ऐसे समय में उठी है जब नगर निगम ने हाल ही में वाराणसी शहर को साफ-सुथरा और पर्यटन-अनुकूल बनाने के लिए मीट-मछली की दुकानों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जीशान अंसारी ने आईएएनएस से बात करते हुए स्पष्ट कहा कि अगर मीट-मछली की दुकानों को बाहर किया जा रहा है तो शराब की दुकानों को भी काशी क्षेत्र से बाहर शिफ्ट किया जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शराब मुक्त वाराणसी होनी चाहिए। जितनी भी शराब, बार और रेस्टोरेंट जहां मीट-मछली परोसी जाती है उन सभी होटलों को सील कर देना चाहिए।
सपा कार्यकर्ता शुभम सेठ गोलू ने भी इस मांग को समर्थन देते हुए कहा कि मीट मछली की दुकानों को बाहर करने के फैसले का स्वागत है, लेकिन शराब की दुकानें भी शहर के बाहर की जानी चाहिए। शराबी खुले में शराब पीकर हिंसा करते हैं। वाराणसी के अंदर जो रेस्टोरेंट मांस बेच रहे हैं, उन्हें भी बाहर भेजा जाए।
सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।