पटना, 9 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में हाल ही में किए गए बदलावों को लेकर विवाद मंगलवार को और गहरा गया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने दिल्ली से पटना पहुंचते ही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला किया।
तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव और राज्यसभा सांसद मीसा भारती के साथ पटना हवाई अड्डे पर पहुंचे।
इसके बाद नेता बिना किसी सुरक्षाकर्मी के राबड़ी देवी के आवास के लिए रवाना हो गए। यह कदम यादव परिवार के सदस्यों की सुरक्षा में कटौती को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच उठाया गया है।
हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी ने राज्य सरकार पर बिहार के सामने मौजूद गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए गैर-जरूरी मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य का खजाना खाली है और सरकार शासन और विकास के क्षेत्र में नाकाम रही है।
तेजस्वी ने कहा कि सम्राट चौधरी अपने मुद्दे नहीं उठा रहे हैं। खजाना खाली है और सरकार के पास दिखाने के लिए कोई काम नहीं है। इन नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए वे बेमतलब की बातें करते रहते हैं।
राजद नेता ने आगे दावा किया कि सम्राट चौधरी सही मायने में मुख्यमंत्री के रूप में काम नहीं कर रहे हैं और उन पर बिहार के विकास पर ध्यान देने के बजाय छोटी राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाया।
तेजस्वी के अनुसार, सरकार सरकारी आवासों के आवंटन और सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा करके जानबूझकर विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने स्वेच्छा से सरकारी सुरक्षा पर भरोसा करना छोड़ दिया है और इसके बजाय जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन पर भरोसा किया है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक रूप से प्रेरित विवादों पर ध्यान केंद्रित करके बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा को दबाने की कोशिश कर रही है।
रिशुश्री मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने अधिकारियों की निष्क्रियता पर चिंता व्यक्त की और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति पर प्रकाश डाला।
उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों सहित आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैल चुका है।
उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा और आवास की बात करके लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है। लेकिन बिहार के लोग सच्चाई जानते हैं। कई विभागों में रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता और पूरे राज्य में अपराध बढ़ रहा है।
तेजस्वी ने खुद और राबड़ी देवी को सरकारी आवास आवंटित किए जाने का बचाव भी किया।
उन्होंने कहा कि उन दोनों में से किसी को भी सरकारी आवास किसी एहसान के तौर पर नहीं मिला है।
उनके अनुसार, उन्हें विपक्ष के नेता के रूप में संवैधानिक पद के कारण आवास आवंटित किया गया था, जबकि राबड़ी देवी पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते आवास की हकदार थीं।
--आईएएनएस
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