रियायती सिलेंडरों में कटौती पर संदीप दीक्षित बोले-सरकार ने उज्ज्वला योजना की आत्मा खत्म कर दी

रियायती सिलेंडरों में कटौती पर संदीप दीक्षित बोले-सरकार ने उज्ज्वला योजना की आत्मा खत्म कर दी

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में सरकार द्वारा रियायती सिलेंडरों की संख्या घटाए जाने पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस योजना को अंधकार स्कीम बना दी है।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में किए गए बदलाव पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह योजना मूल रूप से कांग्रेस की थी, जिसे सरकार ने नाम तो उज्ज्वला रख लिया, लेकिन उसकी आत्मा को कमजोर कर दिया।

उन्होंने कहा कि पहली चीज तो यह है कि कांग्रेस की स्कीमों को इस सरकार ने सिर्फ अपना नाम दिया। इसके अलावा कुछ नहीं किया। उज्ज्वला योजना, अब यह अंधकार स्कीम बन गई है। पहले 9 सिलेंडर दिए जाते थे, अब उसे घटा दिया गया। यह सरकार इसी बात पर अपनी पीठ थपथपाती थी कि उन्होंने इतना विकास कर दिया जो 70 साल में नहीं हुआ। आज हकीकत क्या है? आपने इस योजना के तहत सिलेंडर में कटौती कर दी है। अर्थव्यवस्था को चकनाचूर कर दिया है।

संदीप दीक्षित ने कहा कि देश में गैस की किल्लत साफ दिख रही है और सरकार का दिवालियापन जल्द ही सामने आने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम गरीब महिलाओं को अब एलपीजी सिलेंडर महंगे पड़ रहे हैं, जिससे योजना के मूल उद्देश्य पर ही सवाल उठ रहे हैं।

अयोध्या राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी पर संदीप दीक्षित ने सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर आरोप है। अगर अखिलेश यादव जैसे वरिष्ठ नेता ने ऐसा आरोप लगाया है तो मेरी राय में इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

संदीप दीक्षित ने जोर दिया कि राम मंदिर करोड़ों भारतीयों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए कोई भी बिना सोचे-समझे कुछ नहीं कहेगा। उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो उन्हें सार्वजनिक करना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

एनडीए सरकार को समर्थन देने वाले 20 बागी टीएमसी सांसदों पर संदीप दीक्षित ने कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत में एक नया ‘कंज्यूमर सिस्टम’ उभरा है, जिसमें भाजपा ने सांसदों और विधायकों को भी नई कैटेगरी में शामिल कर लिया है। अब सांसद और विधायक भी बिकने के लिए तैयार रहते हैं। कभी-कभी ‘सेल’ लगती है। इसलिए इन्हें बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। भाजपा इन लोगों को अपने पाले में ले आती है जो बिकने के लिए तैयार रहते हैं, भाजपा पार्टी भी कुछ ऐसी ही है।

--आईएएनएस

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