जयपुर, 9 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मंगलवार को कहा कि प्राचीन भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय थे, यहां उच्च शिक्षा के 19 ऐसे केंद्र थे, जहां दुनिया भर से छात्र पढ़ने आते थे।
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत लोक भवन में कर्नाटक के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, धारवाड़ के छात्रों से बातचीत करते हुए गवर्नर हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं में आगे रहा है, और उन्होंने देश को उस बेहतरीन स्थिति में वापस लाने की जरूरत पर जोर दिया।
गवर्नर बागड़े ने कहा कि प्राचीन काल में भारत की भौगोलिक सीमाएं आज की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ी थीं।
अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में आने वाले इलाकों का जिक्र करते हुए गवर्नर ने कहा कि ये इलाके कभी भारत की विशाल सभ्यता का हिस्सा थे।
उन्होंने प्राचीन भारत की बौद्धिक उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला और कहा कि दूर-दूर के देशों से छात्र शिक्षा पाने के लिए यहां आते थे।
गवर्नर बागड़े ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर कहा कि इसका मकसद भारत की समृद्ध विरासत पर गर्व की भावना पैदा करना और युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में लीडर बनने के लिए तैयार करना है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल शिक्षा लेने वाले छात्रों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।
गवर्नर ने राजस्थान की आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी कालीबाई और भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का विजन युवाओं में टैलेंट को निखारने और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
बातचीत के दौरान गवर्नर ने छात्रों को राजस्थान के भूगोल, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया।
उन्होंने सरदार सरोवर बांध से राजस्थान तक नर्मदा का पानी लाने, चित्तौड़गढ़ किले के महत्व और दुनिया की सबसे बड़ी लाइन्ड नहरों में से एक मानी जाने वाली गंग नहर के इतिहास के बारे में बात की।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी






