पुणे : क्लिनिक में जल्दी अपॉइंटमेंट पाने के लिए पुलिसकर्मी बनकर आई युवती गिरफ्तार

पुणे : क्लिनिक में जल्दी अपॉइंटमेंट पाने के लिए पुलिसकर्मी बनकर आई युवती गिरफ्तार

पुणे, 9 जून (आईएएनएस)। पुणे के कैंप इलाके में पुलिस ने एक 25 वर्षीय युवती को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह खुद को पुलिस सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) बताकर एक स्किन क्लिनिक पहुंची। आरोप है कि डॉक्टर से जल्दी अपॉइंटमेंट हासिल करने के लिए उसने पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, लश्कर पुलिस स्टेशन से जुड़े असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) महेश शिंदे 6 जून को सुबह करीब 10 बजे पुणे के कैंप इलाके में विक्ट्री थिएटर के सामने स्थित डॉ. अशफाक सैयद के संजीवनी स्किन क्लिनिक में अपने इलाज के लिए गए थे।

क्लिनिक में इंतजार करते समय उन्होंने खाकी पतलून और पुलिस जैसी जैकेट पहने एक युवती को देखा। कुछ देर बाद उस महिला ने अपनी जैकेट उतारी और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए रिसेप्शन काउंटर पर गई, तभी शिंदे का ध्यान उसके पहनावे में कई गड़बड़ियों पर गया। उन्होंने यूनिफॉर्म पर लगे निशान, नेमप्लेट और अन्य प्रतीकों में विसंगतियां देखीं।

पुलिस ने बताया कि भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी किया गया लैनयार्ड, नेमप्लेट और नीला रिबन गलत तरीके से लगाया गया था। महिला के पास पुलिस की टोपी और खाकी रंग का डंडा भी था, जिससे शक और बढ़ गया।

कुछ गड़बड़ होने का शक होने पर एएसआई शिंदे ने महिला से उसकी पोस्टिंग के बारे में पूछताछ की। युवती ने दावा किया कि वह बानेर पुलिस स्टेशन से जुड़ी है और नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद क्लिनिक आई है। हालांकि, उसके जवाब और तौर-तरीके असंगत लग रहे थे, जिसके बाद शिंदे ने लश्कर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों को सूचित किया।

सूचना मिलने पर, महिला पुलिसकर्मी पूजा पुंड और असरा बनसोडे क्लिनिक पहुंचीं और महिला को आगे की पूछताछ के लिए लश्कर पुलिस स्टेशन ले गईं।

पूछताछ के दौरान महिला की पहचान पुणे के म्हालुंगे निवासी समीना आसिफ इनामदार, जिसे समीना आयु पठान के नाम से भी जाना जाता है, के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान समीना ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से पुलिस अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन फोर्स में भर्ती के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई थी।

इसके बाद उसने पुलिस जैसी यूनिफॉर्म सिलवाई और उसे पहनकर तस्वीरें भी खिंचवाईं। उसने कथित तौर पर कबूल किया कि वह प्राथमिकता के आधार पर इलाज पाने और डॉक्टर से जल्दी अपॉइंटमेंट लेने की उम्मीद में यूनिफॉर्म पहनकर क्लिनिक गई थी।

पुलिस उपायुक्त संदीप भाजीभाकरे ने बताया कि महिला एक निजी संस्था में काम करती है। उन्होंने आगे कहा कि क्लिनिक में उसके बर्ताव को देखकर पुलिस को शक हुआ और बाद में पुष्टि हुई कि वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं थी, जबकि वह पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर सार्वजनिक जगहों पर घूम रही थी।

भाजीभाकरे ने आगे बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि समीना ने पुलिस जैसी एक और वर्दी भी सिलवाई थी।

पुलिस अब उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने वर्दी का इस्तेमाल सिर्फ खास सुविधा पाने के लिए किया था या उसके इन कामों के पीछे कोई और मकसद था।

जांच करने वाले यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसने पहले भी दूसरी जगहों पर पुलिस अधिकारी बनकर काम किया है या वर्दी का इस्तेमाल करके कोई अनुचित फायदा उठाया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

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