मुंबई, 9 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे द्वारा एआईएमआईएम की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से किए जाने पर एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक वारिस पठान ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि वह अक्सर सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दिए जाते हैं और मुख्यमंत्री को अपने मंत्री पर ध्यान देना चाहिए।
वारिस पठान ने आईएएनएस से कहा कि जिस मामले को लेकर चर्चा हो रही है, उसमें चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक नेता को अदालत से पहले फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि नितेश राणे लगातार एआईएमआईएम और उसके नेताओं पर आरोप लगाते रहते हैं, जबकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। वारिस पठान ने कहा, "कई बार उनकी बातें समझ से परे होती हैं।"
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ती है। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पांच बार सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कई विधायक, पार्षद और जनप्रतिनिधि देश के अलग-अलग हिस्सों में जनता की सेवा कर रहे हैं। एआईएमआईएम दलितों, वंचितों, गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाने का काम करती है।
वारिस पठान ने आरोप लगाया कि नितेश राणे केवल मीडिया की सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह के विवादित बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि जब मामला अदालत में लंबित है, तब उस पर राजनीतिक टिप्पणी करना और किसी पार्टी को आतंकी संगठनों से जोड़ना पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत जो भी फैसला करेगी, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।