लखनऊ, 9 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली करेंसी के बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 13.95 लाख रुपए के जाली नोट बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में फरार मुख्य आरोपी और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि सोमवार को मड़ियांव पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में कुछ लोग असली नोटों के बदले बड़ी मात्रा में नकली नोटों का लेन-देन करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम सक्रिय हुई और संदिग्धों पर नजर रखी जाने लगी।
देर रात पुलिस को सूचना मिली कि घैला पुल के पास एक खाली मैदान में बने टीन शेड के निकट तीन युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद हैं और किसी व्यक्ति का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 500 रुपए के 1,402 जाली नोट तथा 100 रुपए के 6,946 जाली नोट बरामद हुए। बरामद नकली करेंसी की कुल कीमत 13 लाख 95 हजार 600 रुपए बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आलोक सिंह (21) निवासी जहानागंज, आजमगढ़, सोनू गौंड उर्फ गोलू (25) निवासी मुबारकपुर, आजमगढ़ तथा बृजेश विश्वकर्मा (35) निवासी सिधारी, आजमगढ़ के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आजमगढ़ निवासी मंजीत इस गिरोह का सरगना है, जबकि उसका साथी संतोष भी इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। दोनों फिलहाल फरार हैं। आरोपियों के अनुसार, मंजीत ने उन्हें नकली नोटों की खेप लेकर लखनऊ भेजा था, जहां उन्हें एक व्यक्ति को यह रकम सौंपनी थी। तीनों सोमवार को लखनऊ पहुंचे और घैला पुल के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे नकली नोटों को असली मुद्रा में बदलने का काम करते थे और इसके बदले मिलने वाले कमीशन से अपने शौक पूरे करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और फरार सरगना मंजीत व उसके सहयोगियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है।