नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी 13.14 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल का मंगलवार को एक विस्फोट के बाद अंतिम ब्रेकथ्रू हो गया। जोजिला टनल दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफा सुरंग है। इसके पूरा होने पर कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी बनी रहेगी। इससे ट्रांसपोर्ट लिंक बेहतर होंगे और इस इलाके का रणनीतिक महत्व और मजबूत होगा।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "आज के इस अहम मौके का जश्न उन लोगों के साथ मनाया, जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया। जोजिला टनल साइट पर काम करने वाले लोगों ने ऊंचाई, जमा देने वाली ठंड और कई मुश्किलों का सामना करते हुए इस जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को पूरा किया है। उनकी खुशी और गर्व पूरी तरह से जायज है और यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।"
जोजिला सुरंग दुनिया की सबसे लंबी दो-तरफा सुरंग है। इसके पूरा होने पर कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में कनेक्टिविटी बनी रहेगी, जिससे ट्रांसपोर्ट लिंक बेहतर होंगे और इस इलाके का रणनीतिक महत्व और मजबूत होगा।
जोजिला टनल के इंजीनियर यूसुफ एस्हागपोर ने मंगलवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "यह जोजिला टनल खास है और देश के लिए गर्व की बात है। यह न सिर्फ यहां की दोनों तरफ से आने-जाने वाली सबसे लंबी टनल है, बल्कि यह पूरे एशिया में अपनी तरह की पहली टनल भी है। हमें यहां कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।"
जोजिला टनल के इंजीनियर यूसुफ एस्हागपोर ने कहा, "मुझे लगता है कि टनल खुलने के बाद सुरक्षा और दूसरे पहलुओं से जुड़ा एक बड़ा काम पूरा हो गया है। हमने यहां बिना किसी हादसे के 11.25 मिलियन से अधिक मैन-आवर (काम के घंटे) पूरे किए हैं और टनल में बहुत सुरक्षित तरीके से व अच्छी क्वालिटी के साथ काम किया गया है। टनल को असल में 100 साल तक चलने के हिसाब से डिजाइन किया गया है और अब इस ब्रेकथ्रू के बाद वेंटिलेशन, ड्रेनेज सिस्टम और सड़क बनाने जैसे कामों में आम तौर पर ढाई से तीन साल लग सकते हैं।"