कोलकाता, 9 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार के राज्य मंत्री भास्कर भट्टाचार्य ने अन्नपूर्णा भंडार योजना के लिए भरे जा रहे आवेदन पत्रों को लेकर लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर निकाय के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और उन्हें संबंधित विभागों में जमा करवा रहे हैं।
भास्कर भट्टाचार्य ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में आवेदन एक साथ जमा किए जा रहे हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि प्रत्येक आवेदन का सही रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का आवेदन बाद में गुम हो जाता है या किसी कारणवश संबंधित लाभ नहीं मिल पाता है तो लोगों के लिए यह साबित करना मुश्किल हो जाएगा कि उनका फॉर्म जमा किया गया था।
उन्होंने सुझाव दिया कि जो लोग सामूहिक रूप से आवेदन जमा करवा रहे हैं, वे सभी फॉर्मों को क्रम संख्या दें और उनकी एक सूची तैयार करें। उदाहरण के तौर पर यदि 50 आवेदन जमा किए जा रहे हैं तो प्रत्येक आवेदन को क्रमवार नंबर देकर उसका विवरण दर्ज किया जाना चाहिए। इसके बाद आवेदन जमा करते समय संबंधित कार्यालय से रसीद अवश्य प्राप्त की जानी चाहिए।
भट्टाचार्य ने कहा कि रसीद मिलने से यह स्पष्ट रहेगा कि कितने आवेदन जमा किए गए हैं और किन-किन लोगों के आवेदन संबंधित विभाग तक पहुंचाए गए हैं। इससे भविष्य में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि संभव हो तो वे स्वयं जाकर अपना आवेदन जमा करें और जमा करने के बाद रसीद जरूर लें। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विभाग या कार्यालय में कोई दस्तावेज जमा करते समय उसकी प्राप्ति रसीद लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इससे आवेदनकर्ता के पास यह प्रमाण रहता है कि उसका आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा किया गया है।
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