Subhash Ghai Mukta Arts : फिल्मों के बाद अब एनीमेशन में 'ताल' ठोकेंगे सुभाष घई, राजीव चिलाका संग की बड़ी पार्टनरशिप

सुभाष घई की नई पहल, एनीमेशन में बड़ा कदम
फिल्मों के बाद अब एनीमेशन में 'ताल' ठोकेंगे सुभाष घई, राजीव चिलाका संग की बड़ी पार्टनरशिप

मुंबई: निर्देशक सुभाष घई ने अब प्रोडक्शन क्षेत्र में एक कदम आगे बढ़ा लिया है। दरअसल, उनकी अपनी कंपनी मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड ने फिल्में बनाने के लिए एक बड़ी साझेदारी की है। निर्देशक की कंपनी ने प्रसिद्ध एनीमेशन कंपनी ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ हाथ मिलाया है। इसके तहत मुक्ता आर्ट्स की नई डिवीजन एसजीएम स्टूडियो ग्रीन गोल्ड के साथ मिलकर एनीमेशन फिल्में और सीरीज बनाएगी।

सुभाष घई ने अपने आधिकारिक इंस्टग्राम अकाउंट पर अपने स्टूडियो का लोगो शेयर किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, "मुक्ता आर्ट्स अब दुनियाभर के सिनेमा के लिए एनिमेशन फिल्में बनाने के नए दौर में कदम रखा रहा है। इसके लिए हमारी नई डिवीजन एसजीएम एनीमेशन स्टूडियो शुरू की गई है, जो प्रसिद्ध कंपनी ग्रीन एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ काम करेगी।

निर्देशक ने कंपनी की ग्रीन एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड की प्रसंशा करते हुए कहा कि इस प्रसिद्ध कंपनी ने छोटा भीम जैसे कई सफल प्रोजेक्ट बनाए हैं। उन्होंने लिखा, "हमें बहुत खुशी है कि हम अपनी भारतीय कहानियों को एनिमेशन के जरिए नई पीढ़ी और परिवारों तक पहुंचाएंगे। इसमें हमारे साथ राजीव चिलाका जी जैसे अनुभवी पार्टनर हैं। छोटा भीम और नरसिम्हा की सफलता ने हमें प्रेरित किया है कि हम अपनी मजबूत कहानियों पर और फिल्में बनाएं। राजीव जी को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई।"

इस साझेदारी से भारतीय एनीमेशन इंडस्ट्री को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है। यह सुभाष के करियर का नया अध्याय है। वे पहले भी कई नए कलाकारों को मौका दे चुके हैं। अब एनीमेशन के जरिए वे अपनी फिल्मी विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने जा रहे हैं।

इससे पहले भी सुभाष घई ने कई बार एनीमेशन और एआई के बारे में खुलकर बातें की थीं। उन्होंने एक आयोजन के दौरान बातचीत में बताया था कि वे सबसे पहले कौन सी फिल्म निकालेंगे। उन्होंने कहा था, "मैं सबसे पहले तो अपनी फिल्म कालीचरण को दिखाना चाहता हूं। ऐसा इसलिए भी क्योंकि इसकी कहानी बहुत दिलचस्प और मजेदार है और मुझे लगता है कि आज के बच्चों को भी इसकी कहानी जाननी चाहिए। यह ऐसी फिल्म है जिसे थिएटर में भी दिखाया जा सकता है और एनीमेशन के रूप में भी बनाया जा सकता है।"

उन्होंने कहा था, "कहानी की मूल कहानी (प्लॉट) वही रहेगी, लेकिन कलाकार और उसे प्रस्तुत करने का अंदाज अलग होगा।"

--आईएएनएस

 

 

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