शान ने बताया क्यों 'बाहों में चले आओ' आज भी है सबसे मॉडर्न गाना, बोले- 'पंचम दा जैसा कोई नहीं'

मुंबई, 26 मई (आईएएनएस)। हिंदी फिल्म संगीत की बात जब भी होती है, तो बॉलीवुड के मशहूर सिंगर शान का जिक्र जरूर होता है। शान ने सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में दिग्गज अभिनेता संजीव कुमार और जया बच्चन पर फिल्माए गए मशहूर गीत 'बाहों में चले आओ' को बॉलीवुड का सबसे मॉडर्न गाना बताया। उन्होंने कहा कि इस गाने में जो संगीत, भावनाएं और बदलाव हैं, वैसा आज भी बहुत कम देखने को मिलता है।

दरअसल, शो के दौरान कंटेस्टेंट ज्योतिर्मयी ने 'बाहों में चले आओ' गाने पर परफॉर्म किया। उनकी परफॉर्मेंस के बाद शान इस गाने की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने गाने की धुन, फिल्मांकन और संगीत की बारीकियों के बारे में खुलकर बात की।

शान ने बताया कि यह गाना रात के माहौल में एक कमरे के अंदर फिल्माया गया था, जहां संजीव कुमार, जया बच्चन से धीरे से गाने के लिए कहते हैं। उसी पल गाने का मूड और संगीत दोनों बदल जाते हैं।

शान ने कहा, ''लोग अक्सर पुराने और नए गानों को लेकर बहस करते रहते हैं, लेकिन मेरे हिसाब से पुराने दौर के कई गाने आज के गानों से कहीं ज्यादा मॉडर्न थे। लोग कहते हैं पुराना गाना, नया गाना, लेकिन इन गानों से ज्यादा मॉडर्न गाने आज भी नहीं बन रहे हैं। इन गानों में जो बदलाव आते हैं, संगीत जिस तरह बहता है, वह कहीं और देखने को नहीं मिलता। कई बार समझ ही नहीं आता कि गाना कहां से शुरू हुआ और कहां खत्म हो गया। यही उसकी खूबसूरती है।''

शान ने कहा कि उस दौर के संगीतकार सिर्फ धुन नहीं बनाते थे, बल्कि हर गाने के पीछे एक कहानी और भावना छिपी होती थी।

उन्होंने आगे मशहूर संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम दा) की जमकर तारीफ की। शान ने कहा, ''पंचम दा अपने समय से बहुत आगे सोचते थे, और उनके संगीत में हमेशा कुछ नया देखने को मिलता था। वह बॉलीवुड के सबसे मॉडर्न संगीतकार थे। जिस तरह पंचम दा संगीत में नए प्रयोग करते थे, वैसा आज भी बहुत कम संगीतकार कर पाते हैं। उनके बनाए गाने आज भी नए और ताजगी से भरे हुए लगते हैं।''

शो के जज विशाल ददलानी ने भी शान की बात का समर्थन किया। विशाल ने कहा कि पंचम दा जैसा संगीतकार दूसरा कोई नहीं हो सकता। उनका संगीत महसूस किया जाता था।

इस दौरान शान ने कंटेस्टेंट्स को एक खास सलाह भी दी। उन्होंने कहा, ''अगर कोई गायक किसी गाने को सही तरीके से गाना चाहता है, तो उसे सिर्फ सुर और शब्दों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि यह भी समझना चाहिए कि वह गाना फिल्म में किस परिस्थिति में इस्तेमाल किया गया है। गाने की कहानी, कलाकारों के भाव और फिल्मांकन को समझने से गायक उस गाने की भावना को बेहतर तरीके से महसूस कर सकता है।''

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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