Shan Interview Music : म्यूजिक इंडस्ट्री में बदलाव पर सिंगर शान ने रखी अपनी राय, महिला गायकों की बताई अहमियत

शान ने महिला गायिकाओं की घटती भूमिका पर जताई चिंता, इंडस्ट्री में बदलाव का मुद्दा।
म्यूजिक इंडस्ट्री में बदलाव पर सिंगर शान ने रखी अपनी राय, महिला गायकों की बताई अहमियत

मुंबई: भारतीय संगीत इंडस्ट्री में समय के साथ कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इस बीच कुछ चीजों को लेकर बहस अभी भी जारी है। इनमें से एक है गानों में महिला गायिकाओं की भूमिका, उनके हिस्से आने वाले गानों की लाइनें और इंडस्ट्री में उनकी मौजूदगी... इसी मुद्दे को लेकर मशहूर सिंगर शान ने अपनी राय आईएएनएस से शेयर की।

आईएएनएस से बात करते हुए शान ने कहा, ''आज के दौर में गानों में महिला गायिकाओं को पहले की तुलना में कम मौके मिल रहे हैं। यह अब एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है, जहां गानों में पुरुष गायकों की लाइनें ज्यादा होती हैं और महिला गायिकाएं अक्सर सिर्फ बैकग्राउंड या कुछ चुनिंदा हिस्सों तक सीमित रह जाती हैं।''

शान ने 90 के दशक का जिक्र करते हुए कहा, "उस दौर में जब डुएट सॉन्ग बनाए जाते थे, तब पुरुष और महिला गायकों को बराबर अहमियत दी जाती थी। दोनों एक ही सुर में गाते थे, दोनों की लाइनें लगभग बराबर होती थीं, और गाने की पहचान दोनों आवाजों से बनती थी। लेकिन आज ऐसा कम ही देखने को मिलता है। मौजूदा समय में गानों का ढांचा बदल गया है, जहां महिला आवाज धीरे-धीरे पीछे होती जा रही है।"

उन्होंने कहा, ''यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि धीरे-धीरे इंडस्ट्री का हिस्सा बन गया है। पहले गाने भावनाओं और कहानी पर टिके होते थे, लेकिन आज ज्यादा फोकस बीट्स और ट्रेंड पर है। इसका असर यह हुआ है कि महिला गायिकाओं की जरूरत कम समझी जाने लगी है, जो चिंता का विषय है।''

इस मुद्दे पर पहले भी कई महिला गायिकाएं अपनी नाराजगी जता चुकी हैं। हाल ही में मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने भी भारतीय संगीत इंडस्ट्री में महिला कलाकारों की घटती मौजूदगी पर सवाल उठाया था।

उन्होंने कहा, ''अगर इंडस्ट्री में ज्यादा महिला गीतकार और संगीतकार होंगी, तो गानों में महिलाओं की सोच, भावनाएं और नजरिया बेहतर तरीके से सामने आ सकेंगी। प्रतिनिधित्व सिर्फ आवाज तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि रचनात्मक स्तर पर भी होना जरूरी है।''

--आईएएनएस

 

 

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