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नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में अब उनकी मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल की है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर और अन्य संबंधित पक्षों को 'आरके फैमिली ट्रस्ट' के कामकाज में दखल देने से रोका जाए।
रानी कपूर ने अपनी अर्जी में कहा कि जब तक अदालत द्वारा शुरू की गई मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रस्ट से जुड़े किसी भी बड़े फैसले या संचालन में बदलाव नहीं होना चाहिए।
इसके साथ ही रानी कपूर ने रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी 8 मई के नोटिस का विरोध करते हुए 18 मई को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर भी रोक लगाने की मांग की है। इस कंपनी के पास कथित तौर पर विवादित फैमिली एस्टेट का बड़ा हिस्सा है।
रानी कपूर का कहना है कि इस मीटिंग का मकसद बोर्ड में अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति करना है, जो मौजूदा विवाद को और बढ़ा सकता है और संपत्ति पर नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने इस अर्जी पर सुनवाई की तारीख 14 मई तय कर की।
दरअसल, संजय कपूर की मौत के बाद परिवार में संपत्ति और ट्रस्ट के नियंत्रण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। रानी कपूर का आरोप है कि उनके बेटे की मौत के बाद ट्रस्ट और कंपनी पर धीरे-धीरे नियंत्रण बदल दिया गया और उन्हें संपत्ति से दूर कर दिया गया।
रानी कपूर का दावा है कि 'आरके फैमिली ट्रस्ट' को लेकर जो दस्तावेज बनाए गए, वे उनकी जानकारी और सहमति के बिना तैयार किए गए। उनका आरोप है कि ट्रस्ट और कंपनियों के फैसलों में पारदर्शिता नहीं रखी गई और उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया गया।
इस मामले में एक और अहम पहलू यह है कि इसमें अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों का भी नाम जुड़ा हुआ है। उन्होंने भी संजय कपूर की कथित वसीयत को चुनौती देते हुए संपत्ति में अधिकार की बात कही है।
--आईएएनएस
पीके/वीसी