
मुंबई: दुनिया का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां महिलाएं पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर न चल रही हों, मगर अभिनेत्री रुबीना दिलैक का मानना है कि महिलाओं के साथ भेदभाव बरकरार है। अभिनेत्री ने मां बनने के बाद अभिनेत्रियों को काम न मिलने की वजह पर खुलकर बात की।
उन्होंने कहा कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में पुरानी सोच अभी भी बनी हुई है, जिसकी वजह से नई माओं को प्रोजेक्ट्स से बाहर रखा जाता है। रुबीना दिलकै ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि मेकर्स को लगता है कि जिस अभिनेत्री ने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है, उसमें अब पहले जितना स्टैमिना, जुनून और मेहनत करने की क्षमता नहीं रही। वे सोचते हैं कि ऐसा होने से प्रोजेक्ट को नुकसान हो सकता है।
रुबीना ने कहा, “स्टडीज बताती हैं कि 62 प्रतिशत महिलाएं प्रेग्नेंसी के बाद काम पर वापस नहीं लौट पातीं क्योंकि समाज उन्हें स्वीकार नहीं करता। इंडस्ट्री भी उन्हें कमजोर समझती है। मेकर्स की सोच होती है कि अब उनके अंदर स्टैमिना नहीं बचा, आगे बढ़ने की चाहत नहीं रही, इसलिए वे खुद को साबित नहीं कर पाएंगी। ऐसे में उन्हें प्रोजेक्ट में रखना नुकसानदायक होगा।”
अभिनेत्री ने बताया कि समाज महिलाओं पर लगातार दबाव बनाए रखता है। उन्हें कभी भी पूरी आजादी नहीं मिलती कि वे अपनी मर्जी से जीवन जी सकें। हर समय उन्हें जज किया जाता है। कई महिलाएं इतनी मजबूत नहीं होतीं कि इस दबाव के बावजूद अपना आत्मविश्वास बनाए रख सकें।
मां बनने के बाद रुबीना अपनी पर्सनल लाइफ के साथ प्रोफेशनल लाइफ को सफलतापूर्वक संभाल रहीं हैं। उन्होंने इसे दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बनाने का मौका बताया। रुबीना ने कहा, “मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे काम जारी रखने का मौका मिला है। अपनी इस यात्रा के जरिए मैं खुद को और दूसरी अभिनेत्रियों को यह दिखाना चाहती हूं कि मां बनने के बाद भी सारे दरवाजे बंद नहीं हो जाते। मैं उन सभी महिलाओं के लिए एक बेहतर रास्ता बनाना चाहती हूं जो इस डर में जी रही हैं।”
रुबीना जल्द ही रोहित शेट्टी के स्टंट बेस्ड रियलिटी टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के 15वें सीजन में नजर आएंगी।
--आईएएनएस
