Rajinikanth Tribute : आर. बी. चौधरी अपनी 100वीं फिल्म में रजनीकांत को करना कहते थे कास्ट, एक्टर ने बताई फिल्म निर्माता की आखिरी इच्छा

आर. बी. चौधरी के निधन पर रजनीकांत भावुक, बताया उनकी 100वीं फिल्म की इच्छा
आर. बी. चौधरी अपनी 100वीं फिल्म में रजनीकांत को करना कहते थे कास्ट, एक्टर ने बताई फिल्म निर्माता की आखिरी इच्छा

चेन्नई: मशहूर फिल्म निर्माता आर. बी. चौधरी की सड़क हादसे में निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। इसी बीच सुपरस्टार रजनीकांत ने उन्हें याद करते हुए कई भावुक बातें साझा की। उन्होंने उनकी आखिरी इच्छा के बारे में भी बताया।

आर. बी. चौधरी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे रजनीकांत ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ''मैंने आज तक आर. बी. चौधरी के साथ कोई फिल्म नहीं की थी, लेकिन हमारे बीच बेहद करीबी और सम्मान भरा रिश्ता था। मैं उनसे कई बार मिला था। करीब चार महीने पहले आर. बी. चौधरी मुझसे 'जेलर 2' की शूटिंग के दौरान मिलने आए थे।''

रजनीकांत ने बताया, ''उस दौरान आर. बी. चौधरी ने मुझसे कहा था कि मैं अब तक 99 फिल्में बना चुका हूं और 100वीं फिल्म के बाद फिल्म निर्माण से रिटायर होना चाहता हूं। मेरी 100वीं फिल्म बेहद खास होगी और उसमें मुझे अभिनय करना होगा।''

रजनीकांत ने बताया कि आर. बी. चौधरी ने कहा था कि उनके पास दो-तीन कहानियां हैं, जिन्हें वह सुनाना चाहते हैं। इस पर मैंने उन्हें भरोसा दिलाया था कि मैं उनकी फिल्म जरूर करूंगा।''

रजनीकांत ने कहा, ''दो महीने पहले निर्देशक के. एस. रविकुमार ने भी उनसे आर. बी. चौधरी के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था कि आर. बी. चौधरी ने फिल्म इंडस्ट्री को कई बड़े निर्देशक दिए और कई लोगों का करियर बनाया, इसलिए सभी निर्देशकों को मिलकर उनके सम्मान में एक बड़ा कार्यक्रम करना चाहिए।''

रजनीकांत ने कहा, ''आर. बी. चौधरी ऐसे इंसान थे जिन्होंने सिर्फ फिल्में नहीं बनाईं, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार और पहचान भी दी। 99 फिल्में बनाने के बावजूद उनकी फिल्मों को लेकर कभी कोई बड़ा विवाद सामने नहीं आया।

अगर कभी कोई समस्या होती भी थी, तो वह खुद जाकर सामने वाले व्यक्ति से बात करते थे और वहीं बैठकर मामला सुलझा लेते थे। वह बेहद शांत स्वभाव के इंसान थे। वह किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय समझदारी से खत्म करने में विश्वास रखते थे।''

उन्होंने बताया कि आर. बी. चौधरी हमेशा खुश और सकारात्मक रहते थे। जब भी मैं उनसे पूछता था कि आप इतने स्वस्थ और खुश कैसे रहते हैं, तो वह कहते थे कि वह कभी अपनी सीमा से बाहर जाकर जोखिम नहीं लेते। वह उतना ही काम करते थे जितना संभाल सकें। फिल्म पूरी होने के बाद बाकी सब भगवान पर छोड़ देते थे। उनका मानना था कि इंसान दुनिया में कुछ लेकर नहीं आता और न ही कुछ साथ लेकर जाता है।

रजनीकांत ने कहा, ''इतना अच्छा इंसान और इतना बड़ा निर्माता इस तरह अचानक दुनिया छोड़कर चला जाए, यह बात अंदर तक झकझोर देती है। उनका निधन पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है।''

--आईएएनएस

 

 

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