रेमो डिसूजा ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर जताया भरोसा, बोले- 'वह जो भी करते हैं, देशहित में होता है'

मुंबई, 13 मई (आईएएनएस)। मशहूर कोरियोग्राफर और निर्देशक रेमो डिसूजा ने बुधवार को पीएम मोदी द्वारा देशहित में लिए गए फैसलों और उनकी अपीलों का समर्थन किया। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए व्यक्तिगत तौर पर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री जो भी कदम उठाते हैं, उसके पीछे गहरा चिंतन और देश का कल्याण छिपा होता है। रेमो ने कहा, "प्रधानमंत्री देश चला रहे हैं, उन्हें जमानी हकीकत का अच्छे से अंदाजा है। चाहे वह सोना हो, तेल या फिर विदेश यात्राएं, उन्होंने जो भी राय रखी हैं, वह सोच-समझकर दी होगी। उनके फैसलों पर सवाल उठाना या टिप्पणी करना मेरे जैसे छोटे व्यक्ति के लिए उचित नहीं है।"

रेमो डिसूजा एक विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां पर उन्होंने फिल्म उद्योग के दिग्गजों के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए बताया कि उनके करियर की शुरुआत में कुछ खास लोगों का बड़ा हाथ रहा है और वे एक विशेष समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

उन्होंने कहा, "आज मैं जिस फंक्शन में आया हूं और इस कम्युनिटी के साथ मेरा जुड़ाव पुराना और गहरा रहा है। मेरी पहली फिल्म 'फालतू' थी, जिसे वाशु भगनानी ने प्रोड्यूस किया था, जबकि एक और फिल्म 'रेस-3' थी, जिसे रमेश तौरानी ने प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म में सलमान खान भी थे, तो कहीं न कहीं मैं इस कम्युनिटी के साथ जुड़ा हुआ हूं। इनकी बॉंडिंग मुझे काफी अच्छी लगी थी।"

बता दें कि रेमो ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। बाद में वे सफल निर्देशक के रूप में भी सामने आए। उन्होंने 2011 में फिल्म 'फालतू' से निर्देशन में डेब्यू किया था। यह एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी जो भारत की शिक्षा प्रणाली और कॉलेज जीवन पर आधारित थी। इसमें जैकी भगनानी, अरशद वारसी, रितेश देशमुख और बोमन ईरानी मुख्य भूमिकाओं में थे।

फिल्म की कहानी उन छात्रों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कम अंक मिलने पर फर्जी कॉलेज खोलते हैं और अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानते हैं।

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम

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