Palak Muchhal Award : पलक मुच्छल को आई पुराने दिनों की याद, शेयर किया वो पल जिससे मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा

4 साल की उम्र से शुरू हुआ सफर, हजारों बच्चों की जिंदगी बचाने में जुटीं सिंगर
पलक मुच्छल को आई पुराने दिनों की याद, शेयर किया वो पल जिससे मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा

मुंबई: 'आशिकी 2' के 'चाहूं मैं या ना', और 'एमएस धोनी' के 'कौन तुझे यूं प्यार' जैसे गानों से युवाओं का दिल जीतने वाली सिंगर पलक मुच्छल आज भी पर्दे पर अपनी जादुई आवाज से छाई हैं।

सिंगर ने 4 साल की छोटी सी उम्र से गाना शुरू किया था, लेकिन उन्हें खुद पता नहीं था कि छोटी सी उम्र में शुरू हुई मेहनत उन्हें इतना बड़ा मुकाम हासिल करने में मदद करेगी। अब सिंगर ने 26 साल पुरानी ऐसी याद शेयर की है, जिसने उन्हें अच्छी गायिका बनने के लिए प्रेरित किया।

5 फरवरी 2000 का दिन सिंगर पलक मुच्छल के लिए बेहद खास रहा था और उनकी कल्पना से परे भी। इसी दिन सिंगर को तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत ने गायन क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था।

पुराने दिनों की यादों को शेयर करते हुए सिंगर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "5 फरवरी, एक ऐसा दिन जो मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गया है। भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए एक ऐसा पल था, जिसे मैं उस समय अपनी छोटी सी कल्पना से भी परे महसूस कर सकती थी।"

उन्होंने आगे लिखा, "कितने सपने, कितनी मासूमियत, और एक अटूट विश्वास कि जब जुनून राह दिखाए तो उम्र कोई सीमा नहीं होती। उस नन्ही बच्ची से लेकर आज मैं जो हूं, उस तक के सफर में मिले हर आशीर्वाद, हर मार्गदर्शक, और हर कदम के लिए मैं आभारी हूं।"

छोटी उम्र से करियर की शुरुआत करने वाली पलक सिर्फ गायन के क्षेत्र में ही आगे नहीं हैं, बल्कि समाज सेवा के काम से भी जुड़ी हैं। समाज में गरीब वर्ग की मदद करने की जिम्मेदारी भी उन्होंने छोटी उम्र से करनी शुरू कर दी थी।

अभी तक अपने अथक प्रयासों के साथ वे लगभग 3,000 नन्हें बच्चों के दिल का ऑपरेशन करा चुकी हैं। लाइव कॉन्सर्ट से जितना पैसा वे कमाती हैं, उसे दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के इलाज में लगा देती हैं और जरूरत पड़ती है तो खुद की पर्सनल सेविंग का भी सहारा लेती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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