ऑस्ट्रेलिया की सड़कों पर घूमते दिखे सतिंदर सरताज, फैंस को भाया रूहानी अंदाज

मुंबई, 22 मई (आईएएनएस)। मशहूर सूफी गायक और गीतकार डॉ. सतिंदर सरताज अपनी शानदार गायिकी से देश-विदेश में काफी लोकप्रिय हैं। शुक्रवार को उन्होंने एक खास पोस्ट शेयर किया है।

गायक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे ऑस्ट्रेलिया की सड़को पर आराम से घूमते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने अपना गाना 'फलसफे- द फिलॉसफी' ऐड किया।

इस पोस्ट के जरिए उन्होंने जिंदगी और इंसानी जज्बातों को बयां करते हुए लिखा, "मेरे विचार आज भी एक बच्चे जैसे हैं, अधूरे… बिल्कुल मेरी तरह। एक वक्त ऐसा आएगा जब आप मेरे इन विचारों को खुद-ब-खुद समझ जाएंगे, लेकिन ऐसा तब होगा, जब आप भी जिंदगी के उस मुकाम और अनुभव पर पहुंचेंगे जहां आज में हूं।"

उन्होंने उम्मीद जताते हुए लिखा, "मैं उम्मीद करता हूं कि दुआएं, आशीर्वाद हमारे पवित्र विचारों और सुंदर कल्पनाओं की दुनिया से होकर गुजरे। मेरे मन के भीतर जो एक खालीपन या अधूरापन है, वह किसी बहुत ही खास, अपने और भरोसेमंद इंसान के साथ रहने से पूरा हो जाए।"

उन्होंने आगे लिखा, "इन आसमानों से भी परे, कोई दिव्य रोशनी मुझे लगातार अपनी ओर बुला रही है। कोई भी इंसान भगवान या उस अनंत ब्रह्मांड में तब तक विलीन नहीं हो सकता, जब तक कि वह पूरी तरह से टूटकर बिखर न जाए।"

सतिंदर का यह रूहानी अंदाज उनके प्रशंसकों को बेहद पसंद आ रहा है। वे कमेंट सेक्शन में गायक की जमकर सराहना कर रहे हैं।

फलसफे- द फिलॉसफी' सतिंदर का दार्शनिक गीत है, जो उनकी चर्चित एल्बम 'ट्रैवल डायरीज वॉल्यूम-3' का हिस्सा है। डॉ. सतिंदर सरताज द्वारा लिखे और रचित इस गीत को बीट मिनिस्टर ने संगीतबद्ध किया है।

'फलसफे' का अर्थ है दर्शनशास्त्र या जीवन के सिद्धांत। सतिंदर सरताज ने अपने इस गीत के माध्यम से जीवन के वास्तविक सत्य, सफर, समय की कीमत और दुनिया की फितर का वर्णन किया है। गीत की पंक्तियां आमतौर पर प्रेम, विरह और आस्तित्व से जुड़े सवालों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे सुनते ही एक सुकून सा मिलता है।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

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