Mithun Chakraborty Statement : 'धुरंधर को प्रोपेगेंडा कह रहे हैं तो रिलीज से रोका क्यों नहीं?' मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

मिथुन चक्रवर्ती ने ‘धुरंधर 2’ विवाद में ममता सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।
'धुरंधर को प्रोपेगेंडा कह रहे हैं तो रिलीज से रोका क्यों नहीं?' मिथुन चक्रवर्ती ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

कोलकाता: मशहूर निर्देशक आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2- द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है, लेकिन कुछ लोग इसे प्रोपेगेंडा बता रहे हैं। इन सबके बीच वरिष्ठ अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने फिल्म को लेकर अपनी राय रखी। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि फिल्मों को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है।

आईएएनएस से बातचीत में मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, ''आपने 'बंगाल फाइल्स' को रिलीज नहीं होने दिया, इससे बड़ी बात क्या हो सकती है? और अब आप 'धुरंधर' को प्रोपेगेंडा कह रहे हैं। अगर आपको लगता था कि यह फिल्म गलत है, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?''

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने 'बंगाल फाइल्स' को देखे बिना ही उसका विरोध करना शुरू कर दिया था।

मिथुन ने आगे कहा, "आपने 'बंगाल फाइल्स' की एक भी रील नहीं देखी, लेकिन शुरू से ही उसका विरोध किया और उसे रिलीज नहीं होने दिया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"

अपने बयान में आगे उन्होंने 'धुरंधर 2' की सफलता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "इस फिल्म ने कई रिकॉर्ड तोड़े हैं, इसका मतलब यह है कि लोग इसे देखने आए हैं। दर्शक बेवजह किसी फिल्म को हिट नहीं बनाते।"

मिथुन के इस बयान के बाद फिल्म और राजनीति, दोनों ही क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। जहां एक तरफ कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे राजनीतिक बयानबाजी भी बता रहे हैं।

अगर फिल्म की कहानी की बात करें, तो 'धुरंधर 2' एक ऐसे युवक, जसकीरत सिंह, की कहानी है, जिसकी जिंदगी एक दर्दनाक घटना के बाद पूरी तरह बदल जाती है। अपने परिवार के साथ हुए अन्याय के बाद वह बदले की आग में अपराध की दुनिया में कदम रखता है। यही घटना उसके जीवन का टर्निंग पॉइंट बनती है।

आगे चलकर जसकीरत को देश के लिए काम करने का मौका मिलता है। वह पाकिस्तान में हमजा अली मजारी के नाम से अंडरकवर एजेंट बनकर जाता है। यहां से कहानी एक बड़े मिशन और खतरनाक खेल की ओर बढ़ती है।

फिल्म का दूसरा पार्ट खासतौर पर कराची के ल्यारी इलाके की सत्ता और गैंगवार के इर्द-गिर्द घूमता है। रहमान डकैत की मौत के बाद वहां की गद्दी खाली हो जाती है और उसे हासिल करने के लिए कई ताकतें आमने-सामने आ जाती हैं। हमजा अपनी चालाकी और रणनीति से इस खेल में आगे बढ़ता है और अपने असली मिशन के करीब पहुंचने की कोशिश करता है।

--आईएएनएस

 

 

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