Madhubala Death Anniversary : जैकी श्रॉफ ने किया मधुबाला को नमन, बोले- दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा उनका जादू

36 की उम्र में अलविदा कहने वाली मधुबाला का जादू आज भी बरकरार
जैकी श्रॉफ ने किया मधुबाला को नमन, बोले- दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा उनका जादू

मुंबई: हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत अदाकाराओं में से एक मधुबाला की दीवानगी आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है। अभिनेत्री की मुस्कान, मासूमियत और आंखों की चमक के आज भी कई लोग कायल हैं। उनकी एक्टिंग में ऐसा जादू था कि दर्शक उन्हें पहली बार देखते ही उनके दीवाने बन जाते थे।

दर्शकों के दिलों में खास पहचान रखने वाली अभिनेत्री मधुबाला की पुण्यतिथि सोमवार को है। इस मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर मधुबाला की तस्वीर शेयर की। इसमें उन्होंने मधुबाला को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "मधुबाला जी की पुण्यतिथि पर हम उन्हें बहुत प्यार और सम्मान के साथ याद करते हैं। उनकी यादें और सिनेमा में दिए गए योगदान हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे।"

दिल्ली में जन्मी मधुबाला का असल में नाम मुमताज जहां बेगम देहलवी था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटी उम्र से ही कर दी थी। घर में आर्थिक समस्या के चलते उन्होंने महज 9 साल की उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। अभिनेत्री ने फिल्म 'बसंत' से अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन साल 1949 में रिलीज हुई फिल्म 'महल' से हिंदी सिनेमा में बड़ी पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने 'फागुन', 'हावड़ा ब्रिज', 'काला पानी', और 'चलती का नाम गाड़ी' जैसी कई सफल फिल्में दीं।

अभिनेत्री ने अपने करियर में सभी मशहूर कलाकारों के साथ काम किया था, जिनमें दिलीप कुमार, राज कपूर, अशोक कुमार और देवानंद शामिल थे। हालांकि, साल 1960 में आई ऐतिहासिक फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में अनारकली के किरदार को अभिनेत्री के करियर का सबसे यादगार अभिनय माना जाता है।

मधुबाला ने अभिनय के साथ-साथ 'नाता' (1955), 'महलों के ख्वाब' (1960) और 'पठान' (1962) जैसी फिल्मों में बतौर निर्माता भी काम किया। दिल की बीमारी के कारण महज 36 साल की उम्र में 23 फरवरी 1969 को उनका निधन हो गया था और उनकी अंतिम फिल्म 'ज्वाला' 1971 में रिलीज हुई थी।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...