तान्या मित्तल ने कहा- ‘मां है ना’ में मां के साथ बिताया खास समय, रोज़मर्रा की जिंदगी में नहीं मिल पाता ऐसा मौका

शिल्पा शेट्टी के शो ‘मां है ना’ में दिखेगा मां-बच्चों का खास रिश्ता
तान्या मित्तल ने कहा- ‘मां है ना’ में मां के साथ बिताया खास समय, रोज़मर्रा की जिंदगी में नहीं मिल पाता ऐसा मौका

मुंबई: जी5 अपने आगामी रियलिटी शो ‘मां है ना’ का प्रीमियर करने के लिए तैयार है, जिसे शिल्पा शेट्टी होस्ट करेंगी।

इस शो में ‘बिग बॉस 19’ की लोकप्रिय प्रतिभागी तान्या मित्तल और अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया अपने-अपने परिवार के सदस्यों के साथ नजर आएंगी।

तान्या मित्तल अपनी मां सुनीता मित्तल के साथ नजर आएंगी, जो टेलीविजन पर उनकी पहली उपस्थिति होगी। इसमें उर्वशी अपने बेटे क्षितिज ढोलकिया के साथ नजर आएंगी।

तान्या मित्तल के लिए यह अनुभव भावनात्मक होने के साथ-साथ बेहद निजी भी रहा है। उन्होंने कहा, “हम कितने भी आत्मनिर्भर क्यों न हो जाएं, हमेशा कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है, जिसके पास हम सुकून पाने के लिए लौटते हैं और मेरे लिए वह मेरी माँ हैं। ‘मां है ना’ मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि इसमें परिवार के असली पल, हंसी-मजाक, छोटी-मोटी तकरार, दिल को छू लेने वाली बातें और वह सब दिखाया गया है, जो लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाता है। इस शो की वजह से मुझे और मेरी मां को साथ समय बिताने का मौका मिला, जो हमें रोजमर्रा की जिंदगी में आमतौर पर नहीं मिल पाता। यह मेरे लिए बहुत खास अनुभव है, जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। मेरी मां के लिए भी यह उनका पहला रियलिटी शो है।”

उर्वशी ढोलकिया ने अपने अनुभव के बारे में बताया, “अपने बेटे के साथ ‘मां है ना’ करना मुझे बहुत ही असली और खास लगा, क्योंकि जिंदगी में ऐसा मौका अक्सर नहीं मिलता कि आप रुककर अपने बच्चे के साथ इतने सच्चे तरीके से समय बिता सकें। हम हंसे, हमारी आपस में थोड़ी-बहुत अनबन भी हुई। हमने साथ मिलकर खाना भी बनाया और इन सब के बीच हम एक-दूसरे से इस तरह से फिर से जुड़ पाए, जिसे मैं हमेशा याद रखूंगी। मेरे लिए यही बिना बनावट वाले पल इस अनुभव को सच में खूबसूरत बनाते हैं।”

उन्होंने बताया, ‘मां है ना’ एक दिल को छू लेने वाला शो है, जो मशहूर मांओं और उनके बच्चों को एक साथ लाता है। यह शो बिना किसी स्क्रिप्ट के असली पलों को दिखाता है, जहां मां-बच्चे की जोड़ियां साथ मिलकर खाना बनाती हैं, बहस करती हैं, हंसती हैं और सच्ची व भावनात्मक बातचीत के ज़रिए एक-दूसरे से फिर से जुड़ती हैं।'

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...