'खाना दिल से' के साथ लौटे हंसल मेहता, एआई के जरिए दिखेगी भारत की स्वाद और संस्कृति की कहानी

'खाना दिल से' के साथ लौटे हंसल मेहता, एआई के जरिए दिखेगी भारत की स्वाद और संस्कृति की कहानी

मुंबई, 24 मार्च (आईएएनएस)। मनोरंजन की दुनिया में कहानियों को दिखाने के तरीके समय के साथ तेजी से बदल रहे हैं, खासकर डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद नए-नए प्रयोग आजमाए जा रहे हैं। इसी बदलते दौर में अब खाना और संस्कृति को एक अलग नजरिए से पेश करने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में फिल्ममेकर हंसल मेहता एक नया और अनोखा प्रोजेक्ट लेकर आए हैं, जिसका नाम 'खाना दिल से' है।

यह शो कुकिंग के साथ-साथ एआई के जरिए भारत की विविधता, परंपराएं और लोगों की कहानियां भी सामने लाएगा।

इस प्रोजेक्ट को कलेक्टिव स्टूडियोज और ट्रू स्टोरी फिल्म्स मिलकर बना रहे हैं। हाल ही में इस शो का टीजर भी जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि भारत के अलग-अलग हिस्सों के खाने को नई तकनीक के साथ पेश किया जाएगा।

हंसल मेहता ने इस शो को बेहद खास बताया, क्योंकि वह एक बार फिर कुकिंग शो के साथ लौट रहे हैं। 1990 के दशक में उन्होंने 'खाना खजाना' जैसे मशहूर कुकिंग शो से अपने करियर की शुरुआत की थी। इस शो ने टीवी पर खाना बनाने के कार्यक्रमों की सोच को बदल दिया था। अब करीब तीन दशक बाद हंसल एक बार फिर खाने की दुनिया में लौटे हैं, लेकिन इस बार उनके साथ एआई भी एक अहम भूमिका निभाएगा।

नए शो में उनके साथ मास्टर शेफ शमशेर अहमद भी जुड़े हैं, जो इसमें एक्सपर्ट और कुकिंग कंसल्टेंट की भूमिका निभाएंगे।

'खाना दिल से' की खास बात यह है कि यह कई नई रेसिपी बताएगा, साथ ही इसमें भारत की संस्कृति को समझने की कोशिश की जाएगी।

शो में दिखाया जाएगा कि कैसे एक-एक रेसिपी के पीछे एक पूरी कहानी छुपी होती है, किसी परिवार की, किसी जगह की या फिर किसी परंपरा की। यह शो लोगों की यादों, उनके अनुभवों और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को सामने लाने का काम करेगा।

हंसल मेहता ने कहा, ''खाना सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह हमारी पहचान और इतिहास का हिस्सा होता है। जब हम किसी दूसरे क्षेत्र का खाना बनाते हैं तो हम उस जगह की संस्कृति और लोगों की जिंदगी को भी समझते हैं। हर रेसिपी अपने अंदर एक पूरी कहानी समेटे होती है, जो समय के साथ आगे बढ़ती रहती है।''

इस शो में एआई का इस्तेमाल कहानी को और बेहतर तरीके से दिखाने के लिए किया जाएगा। इससे उन कहानियों को भी सामने लाया जा सकेगा, जो अब तक कहीं दर्ज नहीं हो पाई हैं।

--आईएएनएस

पीके/डीकेपी

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