खाना बनाने की कला हमेशा विकसित होती रहती है : विकास खन्ना

मुंबई, 8 मार्च (आईएएनएस) । सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना का मानना है कि पश्चिमी देशों में भारतीय खाना अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हाल ही में 'मास्टरशेफ इंडिया' के 9वें सीजन के फिनाले शूट के दौरान उन्होंने कहा कि खाना बनाने की कला कभी रुकती नहीं, बल्कि हमेशा विकसित होती रहती है।

शेफ विकास खन्ना ने रणवीर बरार और कुणाल कपूर के साथ सेट पर आईएएनएस से बातचीत से कहा, “मुझे लगता है कि व्यंजन हमेशा विकसित होते रहते हैं, वे कभी मोना लिसा की तरह फ्रेम में बंद और स्थिर नहीं रहेंगे। खाना एक ऐसी कला की तरह है, जो बदलता और आगे बढ़ता रहता है। मैं विदेशों में भारतीय खाने को लगातार बदलते देख रहा हूं।”

उन्होंने आगे बताया, “यह बदलाव के कगार पर है, एक ऐसा निरंतर विकास जहां रंग, रूप, आकार, स्वाद, सर्विस, आभा और सजावट सब बदलते रहेंगे, लेकिन जड़ें मजबूत और आराम पर टिकी रहेंगी। जैसे हम मास्टरशेफ में अक्सर कहते हैं, 'तुमने मेरे लिए नहीं, मेरे बचपन के लिए खाना बनाया'। हर व्यंजन की शुरुआत और विकास उन्हीं भावनात्मक अंतरालों से होता है।”

विकास का कहना है कि यह सब इंसानों के विकास, समाज, व्यापार और संस्कृति से जुड़ा है। खाना सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि हमारी कहानी का आईना है। विकास खन्ना ने कुलिनरी आर्ट्स में ट्रेनिंग ली और अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय करियर बनाया। उन्होंने न्यूयॉर्क में मिशेलिन-स्टार रेस्टोरेंट जुनून के एग्जीक्यूटिव शेफ और को-ओनर के रूप में भी काम किया, जहां कई सालों तक वह रहे।

भारत में वह 'मास्टरशेफ इंडिया' के जज के रूप में मशहूर हैं, जहां वह कई सीजन से प्रोफेशनल शेफ्स और एक्सपर्ट्स के साथ नजर आते हैं। टेलीविजन के अलावा, उन्होंने भारतीय खाने और क्षेत्रीय पाक परंपराओं पर कई कुकबुक लिखी हैं। वे फूड डिप्लोमेसी और भूख मिटाने से जुड़े चैरिटेबल कामों में भी सक्रिय रहे हैं। उनका फोकस पारंपरिक भारतीय तकनीकों को हाईलाइट करने पर रहता है, साथ ही उन्हें रेस्टोरेंट, किताबों और टीवी के जरिए दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना रहा है।

मास्टरशेफ इंडिया सीजन 9 में विकास, रणवीर बरार और कुणाल कपूर जज के तौर पर मौजूद रहे। यह शो भारतीय घरेलू खाना पकाने की विविधता और क्रिएटिविटी को सेलिब्रेट करता है और शेफ्स के लिए यह भारतीय व्यंजनों को ग्लोबल स्टेज पर लाने का एक बड़ा मंच है।

--आईएएनएस

एमटी/पीयूष

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