Dharm Affidavit Requirement : सारा अली खान को केदारनाथ दर्शन के लिए देना होगा एफिडेविट, नए नियम से मची हलचल

केदारनाथ और बद्रीनाथ में दर्शन के लिए एफिडेविट अनिवार्य, सारा अली खान भी शामिल
सारा अली खान को केदारनाथ दर्शन के लिए देना होगा एफिडेविट, नए नियम से मची हलचल

मुंबई: हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब इन धामों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी आस्था साबित करनी होगी, जिसके लिए एफिडेविट देना होगा। इस फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान को लेकर हो रही है।

इस पर बद्री-केदार मंदिर कमेटी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि अगर सारा अली खान भी केदारनाथ धाम दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें भी सनातन धर्म में अपनी आस्था का एफिडेविट देना होगा। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिल सकेगी।

दरअसल, बद्री-केदार मंदिर समिति की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें यह तय किया गया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ समेत कई मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा। इस फैसले को लेकर हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न हो, सनातन धर्म में अपनी आस्था व्यक्त करता है और इसके लिए शपथ पत्र देता है, तो उसे मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।

इसके आगे उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर सारा अली खान जैसी हस्ती भी केदारनाथ आती हैं, सनातन में अपनी आस्था जताती हैं और एफिडेविट देती हैं, तो उन्हें दर्शन से नहीं रोका जाएगा।

गौरतलब है कि सारा अली खान का केदारनाथ से खास जुड़ाव माना जाता है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म 'केदारनाथ' से की थी, जिसकी शूटिंग भी इसी क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद से वह समय-समय पर केदारनाथ आती रहती हैं। मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए उनकी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

सारा अली खान के अलावा, जैकलीन फर्नांडिस भी केदारनाथ दर्शन कर चुकी हैं। वह साल 2023 में केदारनाथ आई थीं। वहीं, 2024 में फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरुचा भी केदारनाथ पहुंची थीं। टीवी स्टार हिना खान भी केदारनाथ का दौरा कर चुकी हैं।

नए नियम के तहत मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं को शपथ पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे भरकर वे अपनी आस्था का प्रमाण दे सकेंगे। इसके बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद दर्शन की प्रक्रिया में बदलाव देखने को मिल सकती है।

--आईएएनएस

 

 

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