मुंबई, 27 मई (आईएएनएस)। अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'कृष्णावतारम: पार्ट 1' लेकर लगातार सुर्खियों में हैं। फिल्म में उन्होंने भगवान कृष्ण की भूमिका अदा की है, जिसके लिए उन्हे हर जगह से तारीफें सुनने को मिल रही है। अभिनेता ने बताया कि किरदार को इमानदारी से निभाने के लिए उन्होंने ग्रंथों का अध्य्यन किया था।
जब सिद्धार्थ से आईएएनएस ने पूछा कि भगवान कृष्ण की उस मशहूर दिव्य मुस्कान, शांत स्वभाव और खास बॉडी लैंग्वेज को अपनाने के लिए उन्होंने क्या खास तैयारी की, तो उनका जवाब बेहद संजीदा था। इस पर अभिनेता ने बताया कि उन्होंने पुराने धारावाहिक और फिल्म देखने से परहेज किया ताकि उनका अभिनय वास्तविक रहे।
उन्होंने कहा, "मैंने पुरानी फिल्मों और धारावाहिकों को देखने के बजाय ग्रंथों को पढ़ा, किताबों का अध्ययन किया और वर्कशॉप्स में हिस्सा लिया। मैं खुद से हमेशा यह सवाल पूछता था कि भगवान कृष्ण कैसे बोलते होंगे, उनकी आंखों से कैसी भावनाएं झलकती होंगी और वे कैसे चलते होंगे। जो भी करुणा, कोमलता या गुस्सा मेरे भीतर से स्वाभाविक रूप से निकला, मैंने उसे पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ पर्दे पर उतार दिया।"
उन्होंने कहा, "अभी जो तुलनाएं हो रही हैं, वे दर्शकों के नजरिए का हिस्सा हैं और मैं उसका पूरी तरह से सम्मान करता हूं। हालांकि तैयारी के दौरान, मैं इन विचारों से दूर ही रहा।"
सिद्धार्थ ने बताया कि शूटिंग के दौरान उन पर किसी भी तरह का मानसिक दबाव नहीं था लेकिन रिलीज के बाद उन्हें इस जिम्मेदारी की असल गहराई का एहसास हुआ।
उन्होंने कहा, "शुक्र है कि शूटिंग के वक्त मुझे इस जिम्मेदारी की गंभीरता का पूरी तरह एहसास नहीं हुआ था, लेकिन रिलीज होने के बाद जब दर्शकों की तरफ से फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, तो समझ आ रहा है कि यह कितना बड़ा और जिम्मदारी वाला काम था। हमारी टीम और डायरेक्टर ने हमें इतनी संवेदनशीलता और गाइडेंस के साथ संभाला कि काम कभी बोझ नहीं लगा।"
यह फिल्म मुख्य रूप से राम मोरी के उपन्यास पर आधारित है, जो कृष्ण के अलौकिक चमत्कारों से अधिक उनके मानवीय और भावनात्मक पहलुओं पर प्रकाश डालती है।
अभिनेता सिद्धार्थ गुप्ता ने फिल्म की खासियत पर रोशनी डालते हुए कहा, "जब मैंने कहानी सुनी थी, तो मुझे सच में बहुत खुशी हुई थी क्योंकि आमतौर पर भगवान श्री कृष्ण की जिंदगी के इस पहलू को कभी इतने विस्तार से नहीं दिखाया गया था। इसके अलावा, पूरी टीम ने लगातार हमारा मार्गदर्शन किया ताकि हम इस किरदार को ठीक से समझ सकें, इसकी गहराई में उतर सकें और इसे पूरी ईमानदारी और सम्मान के साथ निभा सकें।"
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