Kalki Kochlin Horror Series : हॉरर जॉनर में लगातार काम करना नर्वस सिस्टम के लिए चुनौतीपूर्ण : कल्कि कोचलिन

कल्कि कोचलिन ने बताया हॉरर जॉनर में 'अनर्थ' की शूटिंग चुनौतीपूर्ण रही
हॉरर जॉनर में लगातार काम करना नर्वस सिस्टम के लिए चुनौतीपूर्ण : कल्कि कोचलिन

मुंबई: अभिनेत्री कल्कि कोचलिन हर जॉनर की फिल्मों में काम कर चुकी हैं। हालांकि, उनका मानना है कि लगातार हॉरर जॉनर के प्रोजेक्ट्स में काम करना आसान नहीं, काफी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने हॉरर प्रोजेक्ट्स में काम करने के अपने अनुभव के साथ ही अपकमिंग वेब सीरीज 'अनर्थ' पर भी बात की।

कल्कि ने बताया कि यह उनके नर्वस सिस्टम के लिए काफी मुश्किल रहा है। वह फिलहाल अपनी अपकमिंग वेब सीरीज ‘अनर्थ’ की रिलीज की तैयारी में जुटी हैं, जो प्राइम वीडियो पर जल्द ही स्ट्रीम होगी।

इससे पहले उनका हॉरर शो ‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ रिलीज हुआ था। ‘अनर्थ’ में कल्कि का किरदार एक बार फिर हॉरर और सस्पेंस से भरा है। उनका मानना है कि यह सीरीज दर्शकों को डराने के साथ-साथ भावनात्मक गहराई भी देगी।

कल्कि ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “हॉरर जॉनर नर्वस सिस्टम के लिहाज से बहुत चुनौतीपूर्ण रहा है, खासकर ‘अनर्थ’ में। मेरे किरदार में एक बेचैनी और उदासी थी, जिसे दो महीने की शूटिंग के दौरान लगातार बनाए रखना आसान नहीं था।”

उन्होंने बताया, "इस दौरान मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी दबाव रहा, क्योंकि हॉरर में किरदार की गहराई और डरावनी एनर्जी को जीवंत करना पड़ता है।"

कल्कि ने तारीफ में कहा, “टीम बहुत अच्छी थी। सभी ने मिलकर इस सीरीज की दुनिया को शानदार बनाया है। दर्शक तैयार रहें, क्योंकि यह शो आपकी रातों की नींद उड़ा देगी।”

‘भय: द गौरव तिवारी मिस्ट्री’ में कल्कि ने ‘इरेना’ का किरदार निभाया था। उन्होंने बताया कि इरेना पूरी तरह काल्पनिक किरदार थी, जबकि गौरव तिवारी और इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी असल में मौजूद थे। इस वजह से उन्हें अपने किरदार में कुछ हद तक आजादी मिली थी।

कल्कि ने कहा, “इरेना लेखक की कल्पना से निकली थी, इसलिए कहानी की असलियत पर असर डाले बिना मैंने इसमें कुछ बदलाव किए। इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी आज भी एक्टिव है, जिसने अलौकिक तत्व दिखाने की छूट दी।

उन्होंने बताया कि शो की सबसे खास बात क्या है। मुझे सबसे अच्छा लगा कि यह कहानी अतीत और वर्तमान के बीच कैसे घूमती है। आप सिर्फ जांच नहीं देखते, बल्कि महसूस करते हैं कि इतिहास, यादें और अनसुलझे सवाल आज भी असर डालते हैं।

--आईएएनएस

 

 

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