जैकी श्रॉफ ने 'ट्रैजेडी क्वीन' को दी भावभीनी श्रद्धांजलि, साझा किया खास वीडियो

मुंबई, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री मीना कुमारी ने महज चार साल की उम्र से ही अभिनय की दुनिया में कदम रख परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी थी। मंगलवार को अभिनेत्री की पुण्यतिथि के मौके पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर ब्लैक एंड व्हाइट कोलाज शेयर किया। इस कोलाज में मीना कुमारी की कई क्लासिक तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें उनकी सदाबहार सुंदरता और खासकर आंखों के भावों को खूब उभारा गया है। कोलाज के बीच एक वीडियो फ्रेम भी है, जिसमें उन्हें अपने मशहूर गाने 'पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे' में दिखाया गया है। जैकी श्रॉफ ने लिखा, "मीना कुमारी जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहे हैं।"

मीना कुमारी आज भी भारतीय सिनेमा की एक अनमोल धरोहर हैं। उनकी फिल्में और कविताएं पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उनकी याद में आज पूरा फिल्म जगत उन्हें नमन कर रहा है।

गाना 'पिया ऐसो जिया में समाय गयो रे' फिल्म 'साहिब बीबी और गुलाम' का है। इस गाने को गीता दत्त ने अपनी आवाज में गाया है, जबकि बोल शकील बदायुनी ने लिखे हैं और हेमंत कुमार ने इसका संगीत तैयार किया।

'पाकीजा', 'साहिब बीबी और गुलाम', 'बैजू बावरा', 'भाभी की चूड़ियां' जैसी कई यादगार फिल्मों में अभिनय कर दर्शकं के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। इन फिल्मों के जरिए उन्हें आलोचकों से खूब तारीफ मिली और उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग बन गई। महज चार साल की उम्र में 'लेदरफेस' से करियर की शुरुआत की थी। फिर साल 1946 में फिल्म 'बच्चों का खेल' से बतौर नायिका पहचान मिली, लेकिन 'बैजू बावरा' (1952) ने उन्हें स्टार बना दिया था। परिणीता, शारदा, दिल अपना और प्रीत पराई, साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिल्मों में गंभीर और दुखी भूमिकाओं ने उन्हें यह उपाधि दिलाई और फिल्मफेयर में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पहला पुरस्कार (1954-बैजू बावरा) जीतने वाली वह पहली अभिनेत्री थीं।

अपने पति कमाल अमरोही की फिल्म पाकीजा उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म मानी जाती है, जो उनके निधन से कुछ हफ्ते पहले रिलीज हुई थी।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

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