International Film Festival Delhi : अर्जन बाजवा के इंटरनेशनल प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी, अभिनेता ने जाहिर की खुशी

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली में 130 से ज्यादा फिल्मों की स्क्रीनिंग, कलाकार और निर्माता हुए शामिल
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव : अर्जन बाजवा के इंटरनेशनल प्रोजेक्ट की प्रदर्शनी, अभिनेता ने जाहिर की खुशी

नई दिल्ली: 31 मार्च तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली में देशभर के अलग-अलग क्षेत्रीय सिनेमा से अभिनेता, डायरेक्टर और निर्माता शिरकत कर रहे हैं।

महोत्सव में 130 से ज्यादा फिल्मों की प्रदर्शिनी भी हो रही है, जिसमें सभी भाषाओं की फिल्में शामिल हैं। अब समारोह में मलयालम फिल्म निर्देशक डिजो जोस एंटनी, निर्माता गायत्री गुलियानी, अभिनेता अर्जन बाजवा और राजनीतिज्ञ और अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने शिकरत की।

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (आईएफएफडी) में अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने कहा, "मैं उद्घाटन समारोह में आई थी और जैसा कि मैंने पहले दिन कहा था, यह फिल्म निर्माताओं और दुनिया भर के लोगों के लिए एक-दूसरे को समझने और बन रही फिल्मों के प्रकार को जानने का एक शानदार अवसर है। अब जब वैश्विक सिनेमा हमारी पहुंच में है, तो विदेशों के लोग भारतीय फिल्म निर्माताओं द्वारा प्रदर्शित की जाने वाली फिल्मों को देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि ऐसे मंच हमारे सिनेमा के लिए बहुत जरूरी हैं।"

फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे अभिनेता अर्जन बाजवा ने दिल्ली सरकार को इतने बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए धन्यवाद दिया। अभिनेता ने कहा, "दिल्ली में इस महोत्सव का आयोजन महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर को मीडिया और फिल्म निर्माण के एक संभावित केंद्र के रूप में स्थापित करता है। यह लोगों को यह बताने की दिशा में एक बड़ा कदम है कि दिल्ली इस तरह की पहलों के लिए तैयार है। मैं इस महोत्सव के आयोजन के लिए दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा को हार्दिक बधाई देता हूं।"

अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट पर अभिनेता ने कहा, "हम अभी एक इंटरनेशनल प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, लेकिन अभी सार्वजनिक रूप से उसकी जानकारी नहीं दी जा सकती। उस प्रोजेक्ट को प्रदर्शनी में भी शामिल किया गया है, और यह हमारे लिए गर्व की बात है।"

फिल्म निर्माता गायत्री गुलियानी ने कहा, "अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट को लेकर चुनौतियों की बात करें तो, जब दो देश सहयोग करते हैं, तो भाषा आमतौर पर एक बड़ी चुनौती होती है। इसके अलावा, सांस्कृतिक भिन्नताओं को एकीकृत करने के लिए समझ की भी आवश्यकता होती है। शुरुआत में, भाषा की बाधा मुख्य कठिनाई थी, लेकिन इसके अलावा, कोई खास चुनौतियां नहीं थीं।"

अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली में पहुंचे मलयालम फिल्म निर्देशक दिजो जोस एंटनी ने कहा, "आईएफएफडी में पहली बार दिल्ली में उपस्थित होकर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यहां आकर और बहुत से लोगों से बातचीत करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। अभी-अभी हमारा एक सत्र हुआ, और यह शानदार रहा। इसके लिए दिल्ली की सरकार और पूरी टीम को दिल से धन्यवाद।"

अभिनेत्री रिताभरी चक्रवर्ती कहती हैं, "मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। दिल्ली हमेशा से ही एक सांस्कृतिक केंद्र रहा है। हमारे कुछ बेहतरीन विश्वविद्यालय और कई सांस्कृतिक परंपराएं यहीं हैं, और यह बहुत खुशी की बात है कि देश भर की फिल्में इस महोत्सव में एक साथ आई हैं। तमिल, तेलुगु और मलयालम में बनी बेहतरीन फिल्मों को भी प्रदर्शनी में खास जगह मिली है, यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।"

--आईएएनएस

 

 

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