Anupam Kher Theatre Show : सूजे पैर के साथ अनुपम खेर करने वाले हैं अपने नाटक का 499वां शो, बताया 'शो मस्ट गो ऑन' का सही मतलब

मोच के बावजूद अनुपम खेर का हौसला कायम, 499वें शो के लिए तैयार
सूजे पैर के साथ अनुपम खेर करने वाले हैं अपने नाटक का 499वां शो, बताया 'शो मस्ट गो ऑन' का सही मतलब

मुंबई: 70 साल की उम्र में भी हिंदी सिनेमा में अनुपम खेर का जलवा जारी है। अभिनेता एक के बाद एक उपलब्धि हासिल कर रहे हैं।

एक तरफ जहां अभिनेता अपने करियर की 55वीं फिल्म 'खोसला का घोसला-2' की शूटिंग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ थिएटर में भी अपने ऑटोबायोग्राफी 'कुछ भी हो सकता है' का 499वां शो करने के लिए तैयार हैं। हालांकि आज अभिनेता बहुत नर्वस हैं क्योंकि उनके साथ एक समस्या भी खड़ी हो गई है।

ऐसे में किसी परिस्थिति में हिम्मत न हारने वाले अनुपम खेर को आज "शो मस्ट गो ऑन" का असली मतलब भी समझ आ चुका है। अभिनेता का मानना है कि विषम परिस्थितियों में भी जब साहस दर्द से बड़ा हो और कोई भी ताकत आपको आगे बढ़ने से न रोक पाए, वही सच्चा जुनून है। दरअसल अभिनेता के ऑटोबायोग्राफी शो 'कुछ भी हो सकता है' का आज 499वां शो है और उससे पहले ही उनके पैर में मोच आ गई है। हालांकि अभिनेता तनाव के साथ-साथ आज के शो के लिए पूरी जान लगाकर तैयारी भी कर रहे हैं।

उन्होंने वीडियो शेयर कर बताया, "मैंने हमेशा सुना है 'शो मस्ट गो ऑन।' मैं सोचता था, इसका असल मतलब क्या है? लेकिन आज मुझे समझ आ गया। इसका मतलब है कि ज़िंदगी आपके लिए सही परिस्थितियों का इंतज़ार नहीं करती। इसका मतलब है कि दर्द चुपचाप एक कोने में बैठा रह सकता है, जबकि साहस सबके सामने खड़ा रहेगा। इसका मतलब है कि मोच आया पैर आपके हौसले को नहीं तोड़ सकता।"

अभिनेता ने यह भी कहा कि वो जिंदगी ही क्या, जिसमें उतार-चढ़ाव न हो और मंजिल कठिनाई से होकर न गुजरती हो। अनुपम खेर ने भी साफ किया कि ऑटोबायोग्राफी शो 'कुछ भी हो सकता है' उनके जीवन की विफलताओं की कहानी है, जिन पर वे खुद हंसते हैं और मंच से दर्शकों को भी हंसाने की कोशिश करते हैं। वे अकेले पूरा मंच संभालते हैं और स्क्रिप्ट 127 पन्नों की होती है।

कुल मिलाकर अभिनेता आज सूजे पैर के साथ खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों को एंटरटेन करने वाले हैं।

--आईएएनएस

 

 

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