'अब सोचता हूं, मैं कैसे जी रहा हूं…' नरगिस को याद कर जब छलक पड़े सुनील दत्त के आंसू

मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में पुराने दौर की कुछ प्रेम कहानियां ऐसी हैं, जो आज भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए हैं। ऐसी ही एक कहानी है नरगिस और सुनील दत्त की। ये दोनों ही कलाकार आज इस दुनिया में नहीं है, लेकिन इनका रिश्ता आज भी प्यार और समर्पण की मिसाल बना हुआ है।

आज उनकी शादी की सालगिरह है। 11 मार्च 1958 को दोनों ने शादी की थी। इस मौके पर सोशल मीडिया पर सुनील दत्त का एक पुराना इंटरव्यू तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह नरगिस को याद करते हुए भावुक नजर आते हैं।

इंटरव्यू की छोटी क्लिप में सुनील दत्त कहते हैं, "मैं अक्सर सोचा करता था कि जब कोई अपना इस दुनिया से चला जाता है तो इंसान कैसे जी पाता होगा। लेकिन अब मुझे खुद हैरानी होती है कि अपने सबसे अजीज इंसान के जाने के बाद भी मैं कैसे जी रहा हूं।" यह कहते-कहते उनकी आंखें भर आती हैं और वह भावुक हो जाते हैं।

इस वीडियो क्लिप को लोग काफी प्यार दे रहे हैं।

नरगिस और सुनील दत्त की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। इस प्यार की शुरुआत फिल्म 'मदर इंडिया' के सेट पर हुई। इस फिल्म में नरगिस मां का किरदार निभा रही थीं, जबकि सुनील दत्त उनके बेटे बिरजू की भूमिका में थे। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा हादसा हुआ जिसने दोनों की जिंदगी की दिशा बदल दी।

दरअसल, फिल्म के एक सीन में पुआल के ढेर में आग लगने का सीन फिल्माया जा रहा था। इस सीन के दौरान अचानक आग बेकाबू हो गई और नरगिस लपटों में घिर गईं। सेट पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही सुनील दत्त बिना किसी डर के आग में कूद पड़े और नरगिस को बाहर निकाल लाए। इस दौरान वह खुद भी काफी घायल हो गए थे। इस घटना ने दोनों को एक-दूसरे के करीब ला दिया।

हादसे के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों के बीच बातचीत और मुलाकातें बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे यह रिश्ता दोस्ती से आगे बढ़कर प्यार में बदल गया। इसके बाद दोनों ने अपने रिश्ते को नाम देने का फैसला किया और 11 मार्च 1958 को शादी कर ली। शादी के बाद कपल के तीन बच्चे हुए- संजय दत्त, प्रिया दत्त और नम्रता दत्त। परिवार में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन सुनील दत्त और नरगिस का साथ हमेशा मजबूत बना रहा।

हालांकि, 1 मई 1981 को नरगिस का कैंसर के कारण निधन हो गया। यह सुनील दत्त और पूरे परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका था।

--आईएएनएस

पीके/एएस

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