Aamir Khan Statement : शुरुआत में परेशान होता था, लेकिन बाद में समझ आया फोटोग्राफर्स का संघर्ष : आमिर खान

आमिर खान ने मुंबई प्रेस क्लब में फोटोग्राफर्स के योगदान को सराहा और सम्मानित किया
शुरुआत में परेशान होता था, लेकिन बाद में समझ आया फोटोग्राफर्स का संघर्ष : आमिर खान

मुंबई: मुंबई में आयोजित एक खास कार्यक्रम में हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता आमिर खान ने फोटोग्राफर्स और मीडिया के साथ अपने लंबे रिश्ते को लेकर बात की। आमिर खान ने अपने अनुभव साझा करते हुए फोटोग्राफर्स के काम की सराहना की। उन्होंने बताया कि अपने करियर की शुरुआत में वह फोटोग्राफर्स से थोड़ा परेशान हो जाते थे, लेकिन समय के साथ उन्हें उनके काम की मेहनत और चुनौतियों का असली मतलब समझ आया।

यह कार्यक्रम मुंबई के प्रेस क्लब में आयोजित किया गया था, जहां फोटोग्राफर्स के काम को सम्मानित किया गया।

मीडिया से बात करते हुए आमिर खान ने कहा, ''मुझे फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए करीब 38 साल हो चुके हैं, लेकिन यह पहली बार है जब मुझे प्रेस क्लब आने का मौका मिला है। इस बात की बेहद खुशी है कि इस कार्यक्रम में मुझे आमंत्रित किया गया, जहां उन फोटोग्राफर्स को सम्मान दिया जा रहा था, जो अपने कैमरे के जरिए समाज और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं को कैद करते हैं।''

आमिर खान ने कहा, ''मेरा मानना है कि एक तस्वीर कई बार हजारों शब्दों से ज्यादा असरदार होती है। एक अच्छी फोटो किसी घटना की पूरी कहानी बयां कर सकती है। इसलिए मैं उन सभी फोटोग्राफर्स को शुभकामनाएं देता हूं, खासकर उन लोगों को जिन्होंने इस कार्यक्रम में पुरस्कार हासिल किए। यह शाम मेरे लिए बेहद यादगार रहेगी। मुझे फोटोग्राफरों और उनके परिवारों से मिलने का मौका मिला।''

बातचीत के दौरान आमिर खान ने अपने शुरुआती दिनों का एक अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा, ''जब वह फिल्म इंडस्ट्री में नए थे, तब कई बार फोटोग्राफर्स की मौजूदगी से परेशानी होती थी। लेकिन धीरे-धीरे जब मैंने करीब से देखा कि फोटोग्राफर्स किस तरह मेहनत करते हैं, तो मेरी सोच बदल गई। मुझे यह देखकर दुख होता था कि कई फोटोग्राफर्स घंटों इंतजार करते हैं और कभी-कभी बिना खाए-पीए भी अपना काम करते रहते हैं।''

आमिर खान ने कहा, ''फोटोग्राफर्स का काम कई बार बेहद जोखिम भरा भी होता है। चाहे वह क्राइम रिपोर्टिंग हो या राजनीतिक घटनाएं, कई बार फोटोग्राफर्स को ऐसी जगहों पर जाना पड़ता है जहां खतरा हो सकता है। इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और महत्वपूर्ण पलों को कैमरे में कैद करते हैं। ऐसे लोगों की मेहनत और हिम्मत की सराहना जरूर होनी चाहिए।''

उन्होंने कहा, ''भले ही वह मीडिया से बहुत ज्यादा बातचीत नहीं करते, लेकिन कभी भी फोटोग्राफर्स को फोटो लेने से मना नहीं किया। जहां भी मैं जाता हूं और अगर वहां फोटोग्राफर्स मौजूद होते हैं, तो मैं उनके लिए जरूर तस्वीर खिंचवाता हूं।''

--आईएएनएस

 

 

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