Aadhar Tamil Film : सुपरहिट तमिल फिल्म 'आधार' का बनेगा मलयालम रीमेक, योगी बाबू फिर निभाएंगे मुख्य भूमिका

तमिल फिल्म 'आधार' का मलयालम रीमेक, योगी बाबू के साथ नई तकनीक और दमदार कहानी।
सुपरहिट तमिल फिल्म 'आधार' का बनेगा मलयालम रीमेक, योगी बाबू फिर निभाएंगे मुख्य भूमिका

चेन्नई: भारतीय सिनेमा में इन दिनों रीमेक का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसी फिल्मों को अलग-अलग भाषाओं में दोबारा बनाकर ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। इसी कड़ी में एक और चर्चित फिल्म 'आधार' का नाम जुड़ गया है, जिसने अपनी कहानी और प्रस्तुति से दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया था।

दरअसल, निर्देशक रामनाथ पलानीकुमार की तमिल फिल्म 'आधार' अब मलयालम भाषा में बनाई जा रही है। यह फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी और इसमें योगी बाबू ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म ने अपनी रिलीज के समय न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि समीक्षकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से भी खूब सराहना हासिल की थी।

फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली और कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए।

अब इस फिल्म को मलयालम में रीमेक किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इसका निर्देशन भी रामनाथ पलानीकुमार ही करेंगे। इसके साथ ही योगी बाबू भी इस रीमेक में मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे यानी दर्शकों को एक बार फिर उसी कलाकार की दमदार एक्टिंग देखने को मिलेगी, जिसने पहले इस किरदार को जीवंत किया था।

मलयालम वर्जन में कई जाने-माने कलाकारों को अहम भूमिकाओं के लिए शामिल किया जाएगा। साथ ही फिल्म के लिए अनुभवी तकनीकी टीम को भी जोड़ा गया है, जिससे इसकी गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। फिल्ममेकर्स का मकसद है कि मूल फिल्म की आत्मा को बरकरार रखते हुए इसे नए दर्शकों के सामने प्रभावी ढंग से पेश किया जाए।

इस बारे में बात करते हुए निर्देशक रामनाथ पलानीकुमार ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि जब 'आधार' रिलीज हुई थी, उसी समय बड़ी फिल्म 'पोन्नियिन सेलवन' भी सिनेमाघरों में आई थी। इसके बावजूद 'आधार' ने अपनी अलग पहचान बनाई और पत्रकारों, क्रिटिक्स और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

उन्होंने कहा कि मलयालम दर्शक हमेशा अच्छी और मजबूत कहानियों को पसंद करते हैं, इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह फिल्म वहां भी सराही जाएगी। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ समाज की सच्चाई को भी सामने लाती है।

फिल्म की कहानी आम लोगों के जीवन से जुड़ी है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे कॉरपोरेट दुनिया अपने फायदे के लिए साधारण लोगों का इस्तेमाल करती है और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में डाल देती है। यह विषय आज के समय में बेहद प्रासंगिक है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है।

--आईएएनएस

 

 

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