लखनऊ: अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अपना 10वां बजट पेश करने जा रही है। इस बजट के जरिए सरकार प्रदेशवासियों को राहत देने के साथ ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को और गति देने का प्रयास करेगी।
राज्य के बजट पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "योगी सरकार का हमेशा से लक्ष्य रहा है कि समाज के सभी वर्गों के लिए बजट बनाया जाए, जो 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत को दिखाता हो। इसी सोच के आधार पर बजट तैयार किया गया है और उम्मीद है कि इससे राज्य के विकास में तेज़ी आएगी।"
उन्होंने कहा कि हमारा खास फोकस एरिया शुरू से ही रहा है। चाहे वो महिलाएं हों, युवा हों, किसान हों, स्टूडेंट हों, मजदूर वर्ग हो, या पिछड़े लोग हों, उन पर खास फोकस किया गया है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, कोई रचनात्मक दृष्टिकोण नहीं है। वे सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध करते हैं। बजट जनता की उम्मीदों के मुताबिक होगा और समाज के सभी वर्गों के लिए होगा। यह पिछले बजट से बड़ा होगा।"
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "हमारा फोकस रोजगार के मौके बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा। साथ ही, हम टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटाइजेशन को बढ़ावा देंगे। शिक्षा के साथ-साथ, लोगों को स्किल्ड किया जाएगा और उन्हें अलग-अलग तरह की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।"
राज्य के बजट पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना ने कहा, "बजट वित्तीय वर्ष का हिसाब होता है। अगले वित्तीय वर्ष में सरकार को जो भी स्कीम लानी हैं, उनका पूरा बजट आज पेश किया जाएगा। मैं सभी सदस्यों से रिक्वेस्ट करता हूं कि पूरा बजट पढ़ें और चर्चा करें कि जनता के हित में कौन सी स्कीम कहां जरूरी है।"
भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, "निश्चित रूप से यह एक बहुत बड़ा बजट है। यह महिलाओं, किसानों, गरीबों और युवाओं को समर्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ा है और यह बजट उसी विकास यात्रा को दर्शाएगा। जनता की और हम सभी की अपेक्षाएं निश्चित रूप से इस बजट में पूरी होंगी।"