तमिलनाडु: सलेम में भिंडी की कीमतों में गिरावट से किसानों को भारी नुकसान

सलेम, 2 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु के सलेम जिले में संगागिरी और उसके आस-पास भिंडी की कीमतों में आई गिरावट से किसानों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

भिंडी की कीमतों में गिरावट की वजह से किसानों को फसल की कटाई रोकनी पड़ी और उन्हें अपनी फसल खेतों में ही खड़ी छोड़नी पड़ गई है।

सांगागिरी के थेवुर, अरसीरामनी, कुल्लम्पट्टी, चेट्टिपट्टी, कुंजमपलयम, ओडासक्कराई और थन्नीदासनूर गांव में भिंडी की खेती की जाती है। इस क्षेत्र में लगभग 500 एकड़ जमीन पर भिंडी की खेती होती है और यह बड़ी संख्या में किसान परिवारों के लिए आय का एक मुख्य जरिया है।

बता दें कि खेतों में भिंडी खरीदकर बड़े व्यापारियों को बेची जाती है, जिसको बड़े व्यापारी तमिलनाडु और पड़ोसी राज्य केरल के थोक बाजारों तक पहुंचाते हैं। किसानों का कहना है कि बीते एक हफ्ते में बाजार में अचानक मंदी आने से कीमतों में गिरावट आई है।

किसानों के मुताबिक, भिंडी की कीमत अभी सिर्फ लगभग 5 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही है, जो कि उत्पादन लागत से काफी कम है। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन की बढ़ती लागत के कारण खेती का खर्च काफी बढ़ गया है।

कीमतों में गिरावट की वजह से फसल की कटाई ही आर्थिक रूप से नुकसानदायक हो गई है। किसानों का कहना है कि सब्जी बेचने से जो रकम मिलती है, वह अक्सर फसल तोड़ने और उसे कलेक्शन पॉइंट तक पहुंचाने के लिए मजदूरों को काम पर रखने में हुए खर्च को पूरा करने के लिए काफी नहीं होती।

यही वजह है कि कई किसानों ने फसल की कटाई पूरी तरह से रोक दी, और पकी हुई सब्जियों को पौधों पर ही छोड़ दिया है।

किसानों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रखे और किसानों को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए हस्तक्षेप करे। उन्होंने कीमतों को स्थिर करने और सब्जी उगाने वाले किसानों को उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने की मांग की है।

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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