सेंसेक्स करीब 1,800 अंक फिसला, इन कारणों के चलते धड़ाम हुआ शेयर बाजार

मुंबई, 23 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। दोपहर 12:37 पर सेंसेक्स 1,772 अंक या 2.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,803 और निफ्टी 565 अंक या 2.44 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,549 पर था।

बाजार में चौतरफा गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2,074 अंक या 3.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 52,789 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 648.70 अंक या 4.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,070 पर था।

इसके साथ करीब सभी सूचकांक लाल निशान में बने हुए हैं, जिसमें कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल टॉप लूजर्स थे।

बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव का बढ़ना है। सप्ताहांत में तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे की समय सीमा दी और महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाकर गंभीर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, तेहरान ने प्रमुख क्षेत्रीय संपत्तियों पर हमला करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने की धमकी देकर जवाब दिया।

अब यह संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। वहीं, इसके अंत के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं, जिससे बाजार को लेकर निवेशक सतर्क हो गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से खराब संकेतों ने भी भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ने का काम किया है। टोक्यो, सोल, हांगकांग, शंघाई और बैंकॉक के बाजारों में 2 प्रतिशत से लेकर 6.5 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार का मूड बिगाड़ने का काम किया है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर ब्रेंट क्रूड 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 113 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 2.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 100 डॉलर प्रति बैरल पर था।

इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाने का दाम किया है। आखिरी कारोबारी सत्र (शुक्रवार) में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने 5,518.39 करोड़ रुपए की इक्विटी में निकासी की थी। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 5,706.23 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

--आईएएनएस

एबीएस/

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