PM Mudra Yojana : अब तक 52.37 करोड़ से ज्यादा लोन मंजूर, महिला उद्यमियों और एससी-एसटी वर्ग को मिला सबसे ज्यादा लाभ

पीएम मुद्रा योजना से अब तक 52.37 करोड़ लोन वितरित, छोटे उद्यमियों को बढ़ावा।
पीएम मुद्रा योजना: अब तक 52.37 करोड़ से ज्यादा लोन मंजूर, महिला उद्यमियों और एससी-एसटी वर्ग को मिला सबसे ज्यादा लाभ

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत अप्रैल 2015 में शुरू होने के बाद से अब तक 52.37 करोड़ से ज्यादा लोन मंजूर किए जा चुके हैं। इन लोन के जरिए कुल 33.65 लाख करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं, यह जानकारी एक आधिकारिक फैक्ट-शीट में दी गई है।

फैक्ट-शीट के अनुसार, कुल लोन में से करीब 70 प्रतिशत महिला उद्यमियों को मिले हैं, जबकि लगभग 50 प्रतिशत लोन अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को दिए गए हैं।

श्रेणी के हिसाब से देखें तो 'शिशु' कैटेगरी के तहत सबसे ज्यादा 78 प्रतिशत लोन दिए गए हैं, हालांकि राशि के हिसाब से इनकी हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है। शिशु श्रेणी में 50,000 रुपए तक के लोन शामिल होते हैं।

वहीं 'किशोर' श्रेणी में 50,000 रुपए से 5 लाख रुपए तक के लोन आते हैं, जिनकी संख्या कुल लोन का 20 प्रतिशत है, लेकिन राशि के हिसाब से इनकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है।

'तरुण' श्रेणी में 5 लाख से 10 लाख रुपए तक के लोन दिए जाते हैं। इस श्रेणी में लोन की संख्या केवल 2 प्रतिशत है, लेकिन राशि के हिसाब से इसकी हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है।

इसके अलावा 'तरुण प्लस' योजना भी शुरू की गई है, जो उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी का लोन सफलतापूर्वक चुका दिया है। इसके तहत 10 लाख से 20 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है। साथ ही, क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (सीजीएफएमयू) के जरिए इन लोन पर गारंटी कवरेज भी दिया जाएगा, जिससे उद्यमियों को और मदद मिलेगी।

यह योजना छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर के साथ-साथ कृषि से जुड़े काम जैसे पोल्ट्री, डेयरी और मधुमक्खी पालन शामिल हैं। इसके तहत टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल दोनों की जरूरतें पूरी की जाती हैं।

उद्यमियों को और ज्यादा मदद देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई 2024 को पेश बजट में लोन सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की घोषणा की थी, जो 24 अक्टूबर 2024 से लागू हो गई।

ये लोन बैंक, एनबीएफसी, माइक्रो फाइनेंस संस्थान और अन्य वित्तीय संस्थानों के जरिए दिए जाते हैं, जिससे देश में छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिल रहा है।

--आईएएनएस

 

 

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