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BSNL 4G Launch : कल दुनिया देखेगी 'मेक इन इंडिया' की ताकत, लॉन्च होगा बीएसएनएल का 'स्वदेशी' 4जी नेटवर्क

बीएसएनएल का स्वदेशी 4जी नेटवर्क लॉन्च, भारत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में शीर्ष देशों में शामिल
कल दुनिया देखेगी 'मेक इन इंडिया' की ताकत, लॉन्च होगा बीएसएनएल का 'स्वदेशी' 4जी नेटवर्क

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को सरकारी कंपनी बीएसएनएल के 'स्वदेशी' 4जी नेटवर्क का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो स्वयं का टेलीकॉम नेटवर्क बना सकते हैं। साथ ही, टेलीकॉम उपकरणों को भी मैन्युफैक्चर कर सकते हैं।

उद्घाटन से पहले आयोजित हुए एक कार्यक्रम में केंद्रीय टेलीकॉम मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कल वह दिन होगा, जब विश्व यह देखेगा कि भारत न केवल एक सेवा प्रदाता के रूप में, बल्कि एक पूर्ण 4जी स्टैक के निर्माता और उपकरण प्रदाता के रूप में भी उभर रहा है।

सिंधिया ने आगे कहा कि भारत का टेलीकॉम नेटवर्क क्लाउड आधारित और फ्यूचर रेडी होगा। साथ ही आसानी से इसे 5जी में अपग्रेड किया जा सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएसएनएल का 4जी स्टैक 27 सितंबर को देश भर में लगभग 98,000 साइट्स पर शुरू किया जाएगा। साथ ही, कई राज्यों में भी इसकी शुरुआत एक साथ होगी।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ओडिशा के झारसुगुड़ा में इस नेटवर्क का उद्घाटन करेंगे।

सिंधिया ने कहा, "यह टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक नया युग है, एक ऐसा युग जहां भारत टेलीकॉम उपकरण बनाने वाले शीर्ष देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनमें डेनमार्क, स्वीडन, दक्षिण कोरिया, चीन शामिल हैं और भारत अब पांचवां देश है।"

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री डिजिटल भारत निधि के माध्यम से भारत के 100 प्रतिशत 4जी नेटवर्क का भी अनावरण करेंगे, जिसके तहत 29,000-30,000 गांवों को मिशन मोड परियोजना के तहत जोड़ा गया है।

टेलीकॉम सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार है। 2028 तक 5जी यूजर्स की संख्या 77 करोड़ तक पहुंच जाएगी, जो कि फिलहाल 30 से 40 करोड़ है।

उन्होंने इस 4जी स्टैक विकसित करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को दिया।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए बीएसएनएल के यूपी ईस्ट के सीजीएम अरुण कुमार गर्ग ने कहा कि बीएसएनएल 4जी का लॉन्च होना पूरे देश के लिए गर्व की बात है, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी पूर्णत: स्वदेशी है। इसे सीडॉट, तेजस और टीसीएस ने मिलकर विकसित किया है।