प्रकृति 2026 शिखर सम्मेलन में केंद्र सरकार ने 'कार्बन मार्केट पोर्टल' लॉन्च किया

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शनिवार को कार्बन मार्केट्स पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 'प्रकृति 2026' का शुभारंभ किया। सम्मेलन में नीति निर्माताओं, उद्योगपतियों और वैश्विक विशेषज्ञों को कार्बन मार्केट्स और जलवायु परिवर्तन पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाया गया।

कार्यक्रम का आयोजन विद्युत मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा किया गया।

केंद्र सरकार के अनुसार, यह सम्मेलन भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।

यह आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों को कार्बन मार्केट्स की बदलती गतिशीलता, जलवायु परिवर्तन को कम करने में उनकी भूमिका और भारत के हरित विकास के अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय मंच प्रदान करता है।

इसके अलावा, केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर, विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में केंद्र सरकार ने भारतीय कार्बन मार्केट पोर्टल का शुभारंभ किया।

नया लॉन्च किया गया पोर्टल भारतीय कार्बन मार्केट के कार्यान्वयन और प्रशासन के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में कार्य करेगा।

पोर्टल का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री खट्टर ने जलवायु प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाने में भारत के नेतृत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार और ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों जैसी पहल एक पारदर्शी और विश्वसनीय कार्बन बाजार ढांचा बनाने में मदद कर रही हैं, जो दीर्घकालिक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में कार्य करेगा।

केंद्रीय मंत्री खट्टर ने कहा कि भारत ने नौ अधिसूचित पद्धतियों और बायोगैस, हाइड्रोजन और वानिकी जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं को क्रियान्वित करने वाली 40 से अधिक पंजीकृत संस्थाओं के साथ कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग ढांचा पहले ही स्थापित कर लिया है।

केंद्रीय मंत्री ने व्यवसायों से कार्बन बाजारों को केवल अनुपालन की आवश्यकता के रूप में नहीं, बल्कि नवाचार, निवेश और सतत विकास के लिए एक रणनीतिक अवसर के रूप में देखने का आग्रह किया।

दो दिवसीय सम्मेलन में पेरिस समझौते के तहत क्रेडिटिंग मैकेनिज्म, अनुपालन ढांचे, डिजिटल निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और सत्यापन प्रौद्योगिकियों, कार्बन सीमा नीतियों और भारत की कार्बन ट्रेडिंग प्रणाली में भवन और शीतलन जैसे नए क्षेत्रों के एकीकरण पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

एमएस/

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