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नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व संकट के बीच श्रीलंका ने रविवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत तक का इजाफा किया। यह बीते दो हफ्ते में दूसरा मौका है, जब द्वीपीय देश ने ईंधन की कीमतों में इजाफा किया है।
श्रीलंका ने सामान्य पेट्रोल की कीमत पहले के 317 रुपए प्रति लीटर से बढ़ाकर 398 रुपए प्रति लीटर कर दी है, जबकि सार्वजनिक परिवहन में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले डीजल की कीमत को 79 रुपए बढ़ाकर 382 रुपए प्रति लीटर कर दिया है।
मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो गई है और इससे कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है।
बीते एक हफ्ते में कच्चे तेल का दाम 8 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुका है, जबकि बीते एक महीने में कीमत में 57 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कीमत बढ़ाने के साथ श्रीलंका देश में ईंधन की खपत कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल की राशनिंग भी कर रहा है।
श्रीलंका अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है और बिजली उत्पादन की जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशों से कोयला खरीदता है।
श्रीलंका मुख्य रूप से सिंगापुर, मलेशिया और दक्षिण कोरिया से प्रोसेस्ड पेट्रोलियम उत्पाद प्राप्त करता है, जबकि ईरान द्वारा निर्मित रिफाइनरी के लिए कच्चा तेल मध्य पूर्व से आयात करता है।
लगातार हो रही मूल्य वृद्धि से परिवहन लागत और समग्र मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की आशंका है, जिससे पहले से ही आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे व्यवसायों और परिवारों दोनों पर असर पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त, भारत में विदेश मंत्रालय ने हाल ही में पुष्टि की है कि वह श्रीलंका, बांग्लादेश और मालदीव सहित पड़ोसी देशों से डीजल आपूर्ति के अनुरोधों की जांच कर रहा है।
इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “भारत प्रोसेस्ड पेट्रोलियम उत्पादों का विशेष रूप से अपने पड़ोसी देशों को एक प्रमुख निर्यातक है।”
उन्होंने बताया कि ईंधन आपूर्ति के अनुरोधों का मूल्यांकन भारत की घरेलू आवश्यकताओं और शोधन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है।
--आईएएनएस
एबीएस/