Karnataka LPG Crisis : कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ी मांग, मंत्री ने होटल-रेस्तरां से मांगा सहयोग

मुनियप्पा ने होटल मालिकों से सहयोग की अपील की।
कर्नाटक में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ी मांग, मंत्री ने होटल-रेस्तरां से मांगा सहयोग

बेंगलुरु: कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने बुधवार को विधान परिषद में जानकारी दी कि राज्य में कमर्शियल एलपीसी सिलेंडरों की कमी हो गई है। उन्होंने होटल मालिकों, रेस्टोरेंट संचालकों और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की कि नई आपूर्ति आने तक एक सप्ताह सहयोग करें।

मंत्री ने बताया कि फिलहाल सप्लाई में बाधाओं के कारण होटल, ढाबों, उद्योगों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीमित संख्या में ही गैस सिलेंडर दिए जा पा रहे हैं। राज्य में रोजाना करीब 40,000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 1,000 सिलेंडर ही होटलों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति जल्द सुधर सकती है क्योंकि एलपीजी लेकर आने वाले जहाज रास्ते में हैं। मुनियप्पा ने कहा, “करीब 16 जहाज ईरान में कतार में हैं। उनके पहुंचते ही समस्या का समाधान हो जाएगा। केंद्र सरकार इस मुद्दे पर ईरान से बातचीत कर रही है।”

मंत्री ने इस स्थिति को “युद्ध जैसी” बताते हुए होटल मालिकों से अपील की कि वे अस्थायी तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प अपनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार 10,000 से 15,000 सिलेंडरों की व्यवस्था करने का प्रयास कर रही है और वितरण को लेकर एसोसिएशनों से चर्चा जारी है।

मुनियप्पा ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। राज्य में रोजाना 3.5 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडरों की खपत हो रही है और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन समेत अन्य तेल कंपनियां उनकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य को रोजाना लगभग 44,000 कमर्शियल सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार अभी केवल 20 प्रतिशत यानी करीब 8,500 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसके बावजूद राज्य ने करीब 9,000 सिलेंडरों की व्यवस्था की है।

सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए करीब 4,200 सिलेंडर शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों और अस्पतालों को दिए हैं। वहीं करीब 1,200 सिलेंडर सरकारी उपक्रमों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, नंदिनी आउटलेट और इंदिरा कैंटीन जैसे स्थानों को आवंटित किए गए हैं।

इसके अलावा, लगभग 500 सिलेंडर बीज प्रसंस्करण, फूड प्रोसेसिंग, कृषि एवं संबंधित उद्योगों, जियोलॉजिकल पार्क और स्पोर्ट्स हॉस्टलों को दिए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और केंद्र व तेल कंपनियों के साथ मिलकर जल्द ही कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

--आईएएनएस

 

 

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