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Monitoring Corporate Earnings : वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की आय 14 प्रतिशत बढ़ी; ऑयलएवंगैस और टेक सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा

दूसरी तिमाही में भारतीय कंपनियों की आय 14% बढ़ी, मिडकैप ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया
वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की आय 14 प्रतिशत बढ़ी; ऑयलएवंगैस और टेक सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत रहा

नई दिल्ली: भारतीय कंपनियों की आय वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में अब तक सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान ऑयलएवंगैस, टेक्नोलॉजी, सीमेंट, कैपिटल गुड्स एंड मेटल्स का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है।

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल) की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया कि सेक्टर के हिसाब से देखा जाए तो मिडकैप स्टॉक्स में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि लार्जकैप में 13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि, स्मॉलकैप का प्रदर्शन कमजोर रहा है और निजी बैंकों, एनबीएफसी, रिटेल और मीडिया ने स्मॉलकैप पर दबाव बनाने का काम किया है।

एमओएफएसएल के 151 कंपनियों के यूनिवर्स (ग्लोबल कमोडिटी मूवर्स को हटाकर) ने 6 प्रतिशत की आय वृद्धि दर्ज की है, जो कि 2 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक है। हालांकि, अगर इसमें फाइनेंशियल कंपनियों को हटा दिया जाए तो आय 25 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

रिपोर्ट में बताया गया कि अब तक दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर चुकीं निफ्टी की 27 कंपनियों की आय सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

मिडकैप का प्रदर्शन लगातार तीसरी तिमाही मजबूत रहा है और टेक्नोलॉजी, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल एस्टेट और कर्ज न देने वाली एनबीएफसी कंपनियों की आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले एक साल में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है और इसमें मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। बाजार पिछले साल के मुकाबले अच्छी स्थिति में है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजार की अर्निंग साइकिल निचले स्तर पर है और ग्रोथ यहां से दोहरे अंक में रह सकती है और वैल्यूएशन आकर्षक बने हुए हैं।

ब्रोकरेज ने निफ्टी ईपीएस (आय प्रति शेयर) के अपने अनुमान को वित्त वर्ष 26 के लिए 1,096 रुपए से बढ़ाकर 1,101 रुपए कर दिया है। वहीं, वित्त वर्ष 27 के लिए 1,274 रुपए से बढ़ाकर 1,278 रुपए कर दिया है।

--आईएएनएस