एयर इंडिया और इंडिगो जल्द शुरू करेंगी कतर के लिए उड़ानें: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। खाड़ी क्षेत्र में उड़ानों की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसी के चलते एयर इंडिया और इंडिगो भी जल्द ही कतर से भारत के लिए अपनी फ्लाइट सेवाएं फिर शुरू करने की योजना बना रही हैं। यह जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को दी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुल चुका है और कतर एयरवेज पहले से ही भारत के कई शहरों के लिए उड़ानें चला रही है।

मिडिल ईस्ट से भारत के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी शुरू हो गई हैं। सोमवार को यूएई और भारत के बीच लगभग 105 उड़ानें चलने की उम्मीद है। दुबई और अबू धाबी से सीमित संख्या में व्यावसायिक उड़ानें सुरक्षा और संचालन कारणों से चलाई जा रही हैं।

सऊदी अरब और ओमान के कई एयरपोर्ट से भारत के लिए उड़ानें जारी हैं। कुवैत का हवाई क्षेत्र भी खुल गया है और जज़ीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज ने सीमित उड़ानें फिर शुरू कर दी हैं। बहरीन का एयरस्पेस भी खुला है और गल्फ एयर भारत के विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें चला रही है।

इसके अलावा, इराक का हवाई क्षेत्र भी सीमित उड़ानों के साथ खुला है, जिसका उपयोग भारत आने के लिए आगे की यात्रा में किया जा सकता है।

ईरान का हवाई क्षेत्र फिलहाल आंशिक रूप से खुला है और केवल कार्गो व चार्टर्ड फ्लाइट्स की अनुमति है। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां मौजूद लोगों से कहा है कि वे दूतावास की मदद से जमीन के रास्ते बाहर निकलें।

अब तक तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 2,445 भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की है।

इजरायल का हवाई क्षेत्र भी खुला है और सीमित उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं, जिनका उपयोग भारत आने के लिए किया जा सकता है।

भारतीय मिशन लगातार भारतीय समुदाय, संगठनों, कंपनियों और अन्य संबंधित लोगों के साथ संपर्क में हैं और उनकी मदद कर रहे हैं।

28 फरवरी से अब तक करीब 12,96,000 यात्री इस क्षेत्र से भारत आ चुके हैं।

भारतीय दूतावास और अन्य कार्यालय 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं और लोगों की सहायता कर रहे हैं। वे स्थानीय सरकारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं।

विदेश मंत्रालय समय-समय पर नए दिशा-निर्देश जारी कर रहा है, जिनमें स्थानीय नियम, फ्लाइट की स्थिति और भारतीयों के लिए सहायता से जुड़ी जानकारी शामिल है।

--आईएएनएस

डीबीपी

Related posts

Loading...

More from author

Loading...