भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता में धारा 301 पर कर सकते हैं चर्चा

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए चल रही चर्चा में अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत लगाए गए टैरिफ पर भी बातचीत हो सकती हैं। इसमें इस धारा के तहत चल रही जांच भी शामिल है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से सोमवार को दी गई।

सूत्रों के मुताबिक, चल रही बातचीत में बचे हुए मुद्दों पर स्पष्टता आने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर सकते हैं।

व्यापार समझौते के बाद अमेरिका में भारतीय निर्यात को प्रतिस्पर्धियों की तुलना में प्राथमिकता के आधार पर पहुंच मिलेगी।

बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाएं, सीमा शुल्क सुविधा, निवेश प्रोत्साहन और आर्थिक सुरक्षा सहयोग को शामिल करने वाले व्यापक बीटीए ढांचे के अंतर्गत होने वाली ये वार्ताएं अब तकनीकी विवरणों को सुलझाने और कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने पर केंद्रित हैं।

गोयल के अनुसार, लगभग 99 प्रतिशत वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं, केवल कुछ ही मुद्दे शेष हैं।

उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के बीच 2 से 4 जून तक बातचीत निर्धारित है, जिसके बाद समझौते के पहले चरण की औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा, “हम बहुत जल्द अमेरिका के साथ पहले बीटीए पर हस्ताक्षर की घोषणा करेंगे और दूसरे चरण पर अपनी बातचीत जारी रखेंगे।”

इसके अलावा, अधिकारियों ने संकेत दिया कि हालांकि अधिकांश बातचीत पूरी हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्ष अब समझौते के अगले चरण में जाने से पहले शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।

सरकार के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारत की टीम का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे।

अमेरिका की धारा 301 के तहत जांच में भारत और चीन सहित 60 अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में विफलता से संबंधित इन अर्थव्यवस्थाओं के कार्य, नीतियां और प्रथाएं अनुचित या भेदभावपूर्ण हैं, और क्या वे अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालती हैं या उसे प्रतिबंधित करती हैं।

--आईएएनएस

एबीएस

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