भारत का लिंगानुपात हुआ बेहतर, सरकार ने जारी किया डेटा

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में लिंगानुपात में राष्ट्रीय स्तर पर सुधार हुआ है, जो लड़कियों के बेहतर जीवन-रक्षण का संकेत देता है। यह आंकड़ा 2017-19 में 904 से बढ़कर 2021-23 में 917 हो गया है। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को दी।

सरकार ने ओडिशा के भुवनेश्वर में 'वूमेन एंड मेन इन इंडिया 2025: सेलेक्टेड इंडिकेटर्स एंड डाटा' जारी किया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इसका उद्देश्य विभिन्न विषयों पर लैंगिक आधार पर विभाजित आंकड़े उपलब्ध कराना है, ताकि बदलती लैंगिक असमानताओं और विकास के रुझानों को गहराई से समझा जा सके।

प्रकाशन में कहा गया है कि 2008 से 2023 के बीच बालिका और बालक दोनों के शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय और लगातार गिरावट दर्ज की गई है।

उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 2021-22 से 2022-23 के बीच महिलाओं के लिए 28.5 से बढ़कर 30.2 और पुरुषों के लिए 28.3 से बढ़कर 28.9 हो गया है।

15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की श्रम बल भागीदारी में महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रामीण महिलाओं में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखी गई, जहां यह 2022 से 2025 के बीच 37.5 प्रतिशत से बढ़कर 45.9 प्रतिशत हो गई।

2017 से 2025 के बीच प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत पुरुषों की संख्या में 73.80 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि इसी अवधि में प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत महिलाओं की संख्या में 102.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि यह प्रकाशन जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी, निर्णय-निर्माण, महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अन्य लैंगिक मुद्दों से जुड़े संकेतकों को संकलित करता है। इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया गया है।

यह प्रकाशन प्रमुख सामाजिक-आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण और उभरते रुझानों को सामने रखकर नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और अन्य हितधारकों को उपयोगी साक्ष्य उपलब्ध कराता है, जिससे समावेशी और सतत विकास के लिए लैंगिक-संवेदनशील नीतियां और कार्यक्रम तैयार करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा, इसमें 50 प्रमुख संकेतकों से जुड़ी मेटाडेटा जानकारी भी दी गई है, ताकि अवधारणाओं, परिभाषाओं, स्रोतों और कार्यप्रणाली को स्पष्ट किया जा सके। यह प्रकाशन सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

-आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

Related posts

Loading...

More from author

Loading...