नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। सरकार के अनुसार, भारत इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भरता पर आधारित एक ऐसी डिजिटल इकोनॉमी बना रहा है जो भविष्य के लिए तैयार है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' और 'इंडिया एआई मिशन' जैसी प्रमुख पहलें रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन-आधारित विकास के लिए नए रास्ते खोल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रगतिशील नीतियों, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और टेक्नोलॉजी तक बेहतर पहुंच के जरिए एक अनुकूल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आईटी मंत्रालय के तहत 'सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया' (एसटीपीआई) ने यहां 'एसटीपीआई टेक समिट 2026: इंडियाज नेक्स्ट लीप' का आयोजन किया, जिसमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, वेंचर कैपिटलिस्ट और इकोसिस्टम को बढ़ावा देने वाले लोग शामिल हुए।
प्रसाद ने कहा कि जैसे-जैसे भारत ग्लोबल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, एसटीपीआई जैसे संस्थान एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने, इनोवेशन को पोषित करने, उभरते टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्लोबल मार्केट के लिए वर्ल्ड-क्लास समाधानों के विकास को सक्षम करने में अहम भूमिका निभाएंगे।"
मीटी (MeitY) के सेक्रेटरी एस कृष्णन ने एसटीपीआई के 35 साल पूरे होने पर कहा कि हमें आगे के मौकों की पहचान करनी चाहिए और उभरते क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए इसकी मजबूत विरासत का लाभ उठाना चाहिए।
एसटीपीआई की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हमेशा से इसकी लोगों को एक साथ लाने की क्षमता रही है, यानी एंटरप्रेन्योर्स, मेंटर्स, वेंचर कैपिटलिस्ट और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को एक साथ लाकर इनोवेशन के लिए जरूरी माहौल तैयार करना।
कृष्णन ने कहा, "एसटीपीआई ने पूरे देश में, नॉर्थ-ईस्ट से लेकर बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे स्थापित टेक्नोलॉजी हब तक, सफलतापूर्वक संपर्क बनाए हैं, जिससे उभरते हुए सेंटर्स तक मेंटरशिप, विशेषज्ञता और पूंजी का प्रवाह संभव हो पाया है।"
उन्होंने कहा कि इन जगहों पर स्टार्टअप्स को सपोर्ट करके, इनोवेशन को बढ़ावा देकर और टेक्नोलॉजी में निवेश लाकर, एसटीपीआई भारत के युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। साथ ही, यह एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे सकता है और खास तौर पर एआई के क्षेत्र में अच्छी क्वालिटी वाले रोजगार के अवसर पैदा कर सकता है।
एसटीपीआई के डायरेक्टर जनरल अरविंद कुमार ने कहा कि पिछले 35 सालों में एसटीपीआई भारत की डिजिटल इकॉनमी के एक अहम स्तंभ के तौर पर उभरा है। उन्होंने कहा कि देश भर में 73 सेंटर्स, 1,700 से ज्यादा स्टार्टअप्स को सपोर्ट और भारत के आईटी एक्सपोर्ट में बड़े योगदान के साथ, एसटीपीआई ने बड़े शहरों से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी-आधारित ग्रोथ को मुमकिन बनाया है और टियर-2 और टियर-3 इलाकों में भी मौके पैदा किए हैं।
--आईएएनएस
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