अब तक करीब 5.10 लाख नए कनेक्शन चालू, छोटे सिलेंडरों की सप्लाई हुई दोगुनी: सरकार

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। उद्योगों की गतिविधियां जारी रखने और सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार का उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) लगातार काम कर रहा है।

एक आधिकारिक बयान में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी और अन्य ईंधनों की सप्लाई बनाए रखने के लिए अस्थायी राहत भी दी गई है। केरोसिन स्टोरेज की सीमा बढ़ाई गई, एलपीजी अनलोडिंग को आसान बनाया गया और एलएनजी फिलिंग के लिए नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। सरकार ने यह भी बताया कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी में 94 प्रतिशत तक डीएसी सिस्टम लागू हो चुका है, जिससे गड़बड़ी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।

सरकार के मुताबिक, देश भर में घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100 प्रतिशत सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

23 मार्च 2026 से अब तक 20 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर (एफटीएल) बेचे जा चुके हैं, जो खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए राहत का काम कर रहे हैं। सरकार ने इन सिलेंडरों की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है ताकि जरूरतमंदों तक आसानी से गैस पहुंच सके।

पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के विस्तार पर भी तेजी से काम हो रहा है। मार्च 2026 से अब तक करीब 5.10 लाख नए कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और 2.56 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है। इसके अलावा, 5.77 लाख लोग नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।

सरकार कंपनियों के साथ मिलकर लोगों को पीएनजी अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कई कंपनियां नए कनेक्शन पर ऑफर भी दे रही हैं। साथ ही राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गैस कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज करें।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पेट्रोल-डीजल या गैस की घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही, वैकल्पिक ईंधनों जैसे पीएनजी और इलेक्ट्रिक कुकटॉप्स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और उन्हें वापस लाने के लिए भी बड़े स्तर पर तैयारी की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक करीब 11.91 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।

सरकार ने विभिन्न देशों में हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम बनाए हैं, जो 24 घंटे काम कर रहे हैं। भारतीय दूतावास लगातार वहां रह रहे लोगों से संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को अन्य रास्तों से सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी की जा रही है।

समुद्री सुरक्षा को लेकर भी सरकार सतर्क है। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर 'देश गरिमा' सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है और आज मुंबई पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें 31 भारतीय नाविक सवार हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

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