आर्थिक चिंताओं के बीच प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भी बांग्लादेश की रैंकिंग गिरी: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश पिछले साल के मुकाबले तीन पायदान नीचे लुढ़कर 152वें स्थान पर आ गया है। इस सूची में 180 देशों को शामिल किया गया था। बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट दावा करती है कि इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। 2024 में तख्तापलट के बाद से आर्थिक मोर्चे पर भी देश पिछड़ा है।

द बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति “बहुत गंभीर” श्रेणी में पहुंच गई है; यह 2025 में 149वें नंबर पर थी और अब उससे तीन पायदान नीचे खिसक गई है।

इसमें कहा गया, "हसीना राज खत्म होने के बाद, मीडिया को अधिक आजादी की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिखा। उसे एक न्यू नॉर्मल का सामना करना पड़ा। कुछ न्यूज आउटलेट्स और पत्रकारों को "फासिस्ट" हसीना राज के "साथी" के तौर पर ब्रांड किया गया।"

सियासी दबाव में मीडिया अपना काम आजादी से नहीं कर पा रही है। आलोचना के लिए कोई तैयार नहीं है और उसे बर्दाश्त करने की क्षमता भी लोगों में घट गई है।

कुछ पुराने अध्ययनों के हवाले से बताया गया है कि प्रेस पर पाबंदियों का असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है और बांग्लादेश में भी यही हुआ है। प्रेस पर हमलों से वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में लगभग 1 से 2 फीसदी की कमी आ सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रेस की आजादी ज्यादा वित्तीय स्थिरता से जुड़ी है। एक ग्लोबल स्टडी का हवाला देते हुए बताया गया कि जिन देशों में प्रेस को ज्यादा आजादी दी जाती है, वहां का कॉर्पोरेट-पॉलिटिकल कल्चर ठीक-ठाक रहता है और इस वजह से भ्रष्टाचार की आशंका कम होती है। नतीजतन बैंकिंग सेक्टर में गड़बड़ी नहीं होती और वो स्थिर बना रहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक स्वतंत्र प्रेस एक रक्षक की तरह होता है। वो नियम विरुद्ध या राष्ट्र विरुद्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखता है और इस तरह भ्रष्टाचार को पनपने से रोकने में मदद करता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसरशिप, साइबर उत्पीड़न, खुफिया एजेंसियों के दबाव, कोर्ट में उत्पीड़न, कई सख्त कानून, पुलिस हिंसा हसीना राज की पहचान थे।

नॉर्वे, नीदरलैंड्स, एस्टोनिया, डेनमार्क, स्वीडन और फिनलैंड का नाम उन देशों में शामिल है जो प्रेस फ्रीडम सूचकांक में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और इसी तरह करप्शन इंडेक्स में भी सबसे कम भ्रष्ट देशों की रैंकिंग में टॉप पर रहते हैं।

--आईएएनएस

केआर/

Related posts

Loading...

More from author

Loading...