Top
Home > जीवनशैली > स्वास्थ्य और फिटनेस > दो साल में मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में 19 हजार 190 नवजातों की हुई मौत

दो साल में मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में 19 हजार 190 नवजातों की हुई मौत

दो साल में मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में 19 हजार 190 नवजातों की हुई मौत
X

जयपुर: प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में नवजात शिशुओं की मौत से जुड़ा मामला आज विधानसभा में उठा। इस पर राज्य के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने सदन में जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल में इन अस्पतालों में 19 हजार 190 नवजातों की मौत हुई हैं। विधायक वासुदेव देवनानी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में चिकित्सा मंत्री ने नवजातों की मौतों के कारणों के साथ ही व्यवस्था सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी सदन में दी। वहीं चिकित्सा मंत्री ने सदन में कहा कि दिसम्बर 2019 और दिसम्बर 2020 में कोटा के जेके लॉन चिकित्सालय में नवजातों की मौत के मामलों की सरकार द्वारा जांच करवाई गई थी, जिसमें कोई भी दोषी नहीं पाया गया। मंत्री के इस जवाब पर देवनानी ने पूछा कि जब कोई दोषी ही नहीं पाया गया तो फिर कुछ कर्मचारियों को एपीओ और निलंबितत क्यों किया गया है।

विधायक वासुदेव देवनानी द्वारा उठाए गये सवाल का जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि भारत सरकार जो आंकड़े जारी करती है, उनमें राजस्थान शामिल नहीं है और इस सूची में ज्यादातर भाजपा शासित राज्य हैं। रघु शर्मा ने कहा कि सूची में राजस्थान को शामिल नहीं पाकर भारत सरकार ने साल 2020 से यह सूची ही जारी करना बंद कर दिया। वहीं उन्होंने कहा कि नवजातों की गुजरात और बिहार की तुलना में भी राजस्थान में कम मौतें हुई हैं। विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि नवजातों की मौत के मामले में पूरे प्रदेश के बारे में जानकारी चाही गई थी, लेकिन जवाब में जांच के बारे में केवल कोटा के जेके लॉन अस्पताल का जिक्र किया गया है। देवनानी ने कहा कि कोटा के जेके लॉन अस्पताल में 1552 नवजातों की मौत हुई। लेकिन, दूसरे अस्पतालों में इससे कहीं ज्यादा मौतें हुई हैं। ऐसे में क्या इनकी भी जांच करवाकर इनके खिलाफ कोई काईरवाई की जाएगी। देवनानी के इस सवाल पर चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई मौतों के आंकड़ों की वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुई मौतों के आंकड़ों से तुलना की। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि केवल जयपुर और झालावाड़ में पिछली सरकार के समय से ज्यादा मौतें हुई हैं। लेकिन, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर आदि में पिछली सरकार के समय से कम मौतें हुईं हैं।

Updated : 17 March 2021 8:28 AM GMT
Tags:    
Next Story
Share it
Top