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कोरोना : वैश्विक सहयोग और चुनौतियां

कोरोना : वैश्विक सहयोग और चुनौतियां
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भारत कोरोना वायरस संक्रमण के दूसरे चरण में है | लेकिन जिस प्रकार से वैश्विक स्तर पर और भारत में भी संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है, यह चिंताजनक है | जहां एक तरफ चीन में नए मामलों में कमी आई है वहीं दूसरी तरफ इटली में इस संक्रमण ने विकराल रूप ले लिया है | पिछले दो दिनों में कई नए देशों में भी इस संक्रमण के मामले सामने आए हैं | भारत में यह आंकड़ा 250 को पार कर चुका है | भारत के चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश से नए मामले सामने आए हैं | इसके अतिरिक्त कोरोना से भारत में होने वाली मौतों का आंकड़ा भी दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है |

आवश्यक है कि अब वैश्विक सहयोग के साथ साथ द्विपक्षीय सहयोग को भी संक्रमण से निपटने के लिए बढ़ाया जाए | वैश्विक संगठनों द्वारा जिनमें विश्व स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र प्रमुख हैं | इनके द्वारा समय पर कदम नहीं उठाया गया, जिससे संक्रमण का फैलाव अब नए-नए देशों में हो रहा है | आज की स्थिति में कोरोना संक्रमण यूरोप और अमेरिका में भी गंभीर समस्या बन चुका है | यूरोप के समस्त देशों के बीच मुक्त आपसी कनेक्टिविटी के कारण इसको रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने में यूरोपीय यूनियन के समस्त देशों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है | भारत की यदि बात किया जाए तो जनवरी के अंतिम सप्ताह से ही भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों ने भी कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिया था | जिसका नतीजा है कि भारत में संक्रमण के मामले अभी भी सीमित हैं | आज चाहे कोई देश आर्थिक रूप से और तकनीकी रूप से कितनी भी बड़ी ताकत हो सब को कोरोना संक्रमण ने बुरी तरह प्रभावित किया है |

चिंता की बात यह है कि सभी देशों में जहां पर कोरोना संक्रमण का फैलाव है, समस्या एक जैसी नहीं है | कई देश उदाहरण के रूप में इटली को देख सकते हैं, इस संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित हैं और कई देश ऐसे हैं जहां पर यह संक्रमण अभी दूसरे चरण में है | संपूर्ण पृथ्वी और इससे निवासी एक परिवार के रूप में हैं इसलिए सभी देशों को सभी वैश्विक संस्थाओं को इस महामारी से एक साथ मिलकर लड़ना होगा | इस बीमारी के बारे में जितनी जानकारी वैश्विक स्तर पर है उससे कहीं ज्यादा चीजें इस बीमारी से संबंधित ऐसी हैं जिसके बारे में अभी हमको पता ही नहीं है | जैसे-जैसे संक्रमण पर शोध हो रहे हैं उसी रफ्तार से हमें इस बीमारी के बारे में नए-नए पहलुओं का ज्ञान हो रहा है | नित नई-नई जानकारियां जो इस संक्रमण से निकल कर सामने आ रही हैं प्रभावित देशों को भी इसी के अनुरूप अपनी कार्रवाइयों और शोध को चलाने की आवश्यकता है | इसी कारण से समस्त देशों के बीच आपसी सहयोग आवश्यक हो जाता है | जिससे जानकारियों और रिसर्च का आदान प्रदान कर मानव सभ्यता के हित में इसका कोई कारगर इलाज ढूंढा जा सके |

हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने सार्क और जी-20 समूह के देशों से इस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए आपसी शोध और जानकारियों को साझा करने का आग्रह किया था | निश्चित रूप से वैश्विक स्तर पर फैली इस महामारी को कंट्रोल करने के लिए साझा पहल आवश्यक है | महामारी की चपेट आए कई देश ऐसे भी होंगे जो इस महामारी से लड़ने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होंगे, कुछ ऐसे भी होंगे जो तकनीकी रूप से सक्षम नहीं होंगे इसलिए यदि वैश्विक सहयोग की भूमिका को बढ़ाई जाती है, तभी वैश्विक स्तर पर इस बीमारी का खात्मा किया जा सकता है | जिस तरह से चीन ने इस संक्रमण को रोकने में और भारत ने क्लस्टर मैनेजमेंट में सफलता हासिल की है | आवश्यकता है कि चीन और भारत उस तकनीकी या शोध को वैश्विक समुदाय को उपलब्ध कराएं जिससे अन्य देशों में भी इसके प्रसार को रोका जा सके | साथ ही जिस तरह से विभिन्न देशों में इस संक्रमण से प्रभावित लोगों पर अलग-अलग दवाइयों के माध्यम से संक्रमण पर काबू पाने में सफलता मिल रही है उसको वैश्विक समुदाय के साथ साझा किया जाए | भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को एड्स की दवा लोपिनावीर को संक्रमित लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है और इससे सुधार भी देखने को मिला है | इस तरह के प्रयोग अन्य देशों में भी हुए हैं तो आवश्यकता है कि ऐसे डाटा को वैश्विक समुदाय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए जिससे एक कारगर दवा बन सके |

कोरोनावायरस संपूर्ण विश्व की अर्थव्यवस्था पर चोट कर रहा है | प्रत्येक दिन नए-नए देशों मामलों के सामने आने के कारण विश्व के समस्त देशों और वैश्विक संस्थाओं को आपसी मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आने की आवश्यकता है | वैश्विक संस्थाएं, समस्त देशों की सरकारें और राज्य सरकारें तो अपना काम कर ही रही हैं | इसमें सबसे ज्यादा जो सहयोग की अपेक्षा की जा रही है वह मानव समुदाय से है | सभी देशवासियों को चाहे वह किसी भी देश के निवासी हो, उनके सरकार द्वारा जो भी गाइडलाइन दी जा रही हो उसका पालन करना चाहिए | भारत की यदि बात करें तो भारतीय प्रधानमंत्री ने रविवार के दिन को जनता कर्फ्यू के नाम से संबोधित किया है और आग्रह भी किया है कि लोग इस दिन अपने घरों से ना निकले आप सभी देशवासियों से आग्रह है कि इस गंभीर संक्रमण से निपटने में सरकार का सहयोग करें और जो भी गाइडलाइन बताई जा रही हो, उसका पालन अवश्य करें | यदि आप जागरूक रहेंगे तो आप सुरक्षित भी रहेंगे |

Updated : 21 March 2020 7:50 AM GMT
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