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महिलाएं शराब बंद कर दें और खाने में फाइबर बढ़ाएं, तो घट सकते हैं स्तन कैंसर के मामले

महिलाएं शराब बंद कर दें और खाने में फाइबर बढ़ाएं, तो घट सकते हैं स्तन कैंसर के मामले
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लंदन: एक अध्ययन में सामने आया है यदि महिलाएं अपनी जीवन शैली में से बदलाव करते हुए शराब बंद कर दें और खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं, तो स्तन कैंसर के मामलों में कमी आ जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं में हर साल कैंसर के 26 हजार मामलों को सिर्फ बेहतर लाइफस्टाइल से बचाया जा सकता है। अध्ययन में सामने आया है कि पुरुषों में 24 हजार कैंसर के मामले रहन-सहन से संबंधित होते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि महिलाएं अगर शराब का सेवन कम कर दें और खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ा दें, तो हर हफ्ते 500 कैंसर के मामलों कमी आ सकती है।

शोध में सामने आया है कि प्रसंस्कृत मीट और शारीरिक सक्रियता में कमी इस समस्या में इजाफा करते हैं। ब्रिटेन में कैंसर पर किए गए इस रिसर्च के निदेशक एलिसन कॉक्स ने कहा कि हर दिन उठाया गया सकारात्मक कदम हमें गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। विशेषज्ञों ने कहा इस बात की गारंटी कोई नहीं दे सकता कि स्वस्थ रहन-सहन से कैंसर नहीं होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे जीवन के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पूर्व में हुए अध्ययनों में कहा गया है कि शराब सात तरह के कैंसर का कारण बन सकती है। इसमें हर साल कैंसर के तीन फीसदी मामले होते हैं। शराब में एसिटलडिहाइड रसायन होता है, जो डीएनए को न सिर्फ क्षतिग्रस्त करता है, बल्कि उसकी मरम्मत में भी बाधा उत्पन्न करता है। यह ऑस्ट्रोजेन हॉर्मोन में भी इजाफा करता है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा अधिक मात्रा में शराब के सेवन से लिवर क्षतिग्रस्त हो सकता है और ट्यूमर बनने की आशंका बढ़ जाती है।

प्रसंस्कृत मीट में कुछ ऐसे रसायन होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से भी उत्पन्न होते हैं और इसमें मिलाए भी जाते हैं। इनसे कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। इसके अत्यधिक इस्तेमान से कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। फाइबर पाचन तंत्र के लिए अच्छा होता है, लिहाजा इसके सेवन से पेट की सेहत दुरुस्त रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि फाइबर की वजह से हम जो कुछ भी खाते हैं उसके शरीर से बाहर निकलने में अधिक समय नहीं लगता है। जो चीजें पाचन में दिक्कत पैदा करती हैं, असल में वही कैंसर का कारण होती हैं।

व्यायाम या शारीरिक सक्रियता हमारे शरीर में बनने वाले ऑस्ट्रोजेन और इनसुलिन हॉर्मोन का स्तर घटाती हैं। इनके बढ़े हुए स्तर स्तन और गर्भाशय कैंसर का कारण बनते हैं। भागदौड़ भरी जिंदगी में खाने और सोने की हमारी आदतों की वजह से कई गंभीर रोगों की चपेट में आ रहे हैं।

Updated : 6 Jan 2020 12:27 AM GMT
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